बीएस बातचीत
अपोलो टायर्स ने मांग में सुधार के बीच पिछले कुछ महीनों के दौरान उल्लेखनीय रफ्तार दर्ज की है। कंपनी के चेयरमैन ओंकार कंवर ने टीई नरसिम्हन से बातचीत में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कंपनी को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए हाल में उठाए गए कदमों और मांग परिदृश्य के बारे में खुलकर चर्चा की। पेश हैं मुख्य अंश:
क्या कारोबार कोविड-पूर्व स्तर पर लौट चुका है?
हम पिछले कुछ महीनों से सभी श्रेणियों में अपने उत्पादों के लिए दमदार मांग देख रहे हैं। रीप्लेसमेंट बाजार की कुछ श्रेणियों में अब तक की सर्वाधिक बिक्री दर्ज की गई है। पिछली दो तिमाहियों के दौरान लगभग सभी श्रेणियों में मांग दमदार रही है। हमें उम्मीद है कि आगे भी मांग की यही रफ्तार बरकरार रहेगी।
यात्री वाहनों की बिक्री में नरमी से कंपनी किस प्रकार प्रभावित हुई है? अन्य श्रेणियों की क्या स्थिति है?
पिछले कुछ महीनों से यात्री वाहनों की बिक्री में तेजी दिख रही है। हमें मूल उपकरण विनिर्माताओं एवं रीप्लेसमेंट बाजार यानी दोनों श्रेणियों में यात्री कार के टायरों के लिए अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। दोनों श्रेणियों में तेजी वृद्धि दिख रही है। हमने हमने यात्री कारों के टायर, ट्रकों एवं बसों के टायर और खेती के उपकरणों के लिए टायर श्रेणियों में काफी आकर्षण दिख रहा है। कुछ श्रेणियों में हमने पिछले कुछ महीनों के दौरान रिकॉर्ड बिक्री की है। हमारे आकलन के अनुसार, अधिकतर उत्पाद श्रेणियों में हमारी बाजार हिस्सेदारी बढ़ी है। दोपहिया टायर श्रेणी में हमने भारतीय बाजार के लिए पूरी शृंखला तैयार की है और इस श्रेणी में हमने 35 फीसदी सीएजीआर के साथ वृद्धि दर्ज की है।
क्षमता उपयोगिता की क्या स्थिति है? क्या आप आगे निवेश करने की योजना बना रहे हैं?
फिलहाल हमारे सभी संयंत्रों/ उत्पाद श्रेणियों का परिचालन 90 फीसदी उपयोगिता स्तर से ऊपर हो रहा है। हमारे भारतीय परिचालन के लिए नए वित्त वर्ष में पूंजीगत व्यय करीब 1,800 करोड़ रुपये होगा। मुख्य तौर पर आंध्र प्रदेश के संयंत्र एवं अन्य संयंत्रों में सुधार पर खर्च किए जाएंगे। हम बहीखाते को मजबूती देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। आगे चलकर हमारी रणनीति परिसंपत्तियों के दोहन और 90 से 95 फीसदी उपयोगिता स्तर हासिल करने की होगी। बहीखाते को मजबूती देने के लिए हमने पिछले वित्त वर्ष के दौरान उल्लेखनीय प्रगति की है।
कोविड-19 की दूसरी लहर के मद्देजनर मांग कहां तक बरकरार रहेगी?
हम उम्मीद करते हैं कि रिप्लेसमेंट बाजार में मांग की रफ्तार लघु अवधि से मध्यावधि के दौरान मजबूत बनी रहेगी और ओईएम श्रेणी की मांग में लगातार सुधार होगा। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे संयंत्र पर्याप्त टायर का उत्पादन कर सकें और आपूर्ति शृंखला देश भर में उसका वितरण करने में समर्थ हो।
कंपनी को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए परिचालन में आने क्या बदलाव किए हैं?
एक साल की वैश्विक महामारी ने हमारे काम करने के तरीके को बदल दिया है। लागत एवं नकदी प्रवाह पर ध्यान केंद्रित करने से हम इन्वेंट्री स्तर को कम करने और पुराने स्टॉक को खपाने के लिए प्रेरित हुए हैं। लागत नियंत्रण पर कहीं अधिक ध्यान देने और उसे अच्छी और बुरी लागत में विभाजित करने से हमें इस वैश्विक महामारी से निपटने में मदद मिली है। आरऐंडडी, ब्रांड निर्माण और कर्मचारियों पर निवेश को अच्छी लागत श्रेणी में रखा गया। गैर-जरूरी बुनियादी ढांचे, बड़े पैमाने पर उत्पादों को लॉन्च करने, संयंत्रों के उद्घाटन और कारोबारी यात्रा आदि को बुरी लागत श्रेणी में रखा गया है। कंपनी ने अपनी निर्धारित लागत में करीब 15 फीसदी की बचत की है और भविष्य में लगभग 65 फीसदी की बचत होने की उम्मीद है। डिजिटलीकरण पर काफी ध्यान दिया जा रहा है जिससे उत्पादकता और कुशलता बढ़ाने में मदद मिली है। साथ ही इससे कागजरहित कंपनी बनने की हमारी यात्रा में काफी मदद मिल रही है। हम डिजिटलीकरा में अपनी क्षमताओं को बढ़ाना जारी रखेंगे और अपनी प्रक्रिया को चुस्त-दुरुस्त बनाने पर ध्यान देंगे।
कच्चे माल की कीमतें कंपनी के मुनाफे को किस प्रकार प्रभावित कर रही हैं?
हम कच्चे माल की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज कर रहे हैं और निकट भविष्य में भी उसे जारी रहने के आसार हैं। हमने ओईएम एवं रीप्लेसमेंट दोनों श्रेणियों की कुछ कीमतों में वृद्धि की है और स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। कच्चे माल की कीमतों में तेजी के कारण लागत में वृद्धि के प्रभाव को कम करने के लिए कीमत बढ़ाना आवश्यक हो सकता है।