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मौजूदा समय कंपनी के विस्तार के लिए उपयुक्त

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Last Updated- December 10, 2022 | 9:25 PM IST

अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की वित्तीय स्थिति काफी सुदृढ़ है। कंपनी के पास करीब 10,000 करोड़ रुपये की नकदी है, जबकि कर्ज 5,000 करोड़ रुपये का है।
मंदी के समय में भी कंपनी के पास 21,500 करोड़ रुपये का ऑर्डर है, बावजूद इसके कंपनी निवेशकों को प्रभावित करने में सफल नहीं हो पा रही है। अनिल अंबानी समूह की कंपनियों के शेयरों में काफी गिरावट आई है। आर इन्फ्रा के सीईओ ललित जालान से नेविन जॉन ने कंपनी की भावी योजनाओं के बारे में बात की। पेश है प्रमुख अंश :
रिलायंस इन्फ्रा एक ब्रांड के तौर पर अभी अपनी पहचान नहीं बना सकी है। ऐसे में कंपनी की क्या योजना है?
ब्रांड के रूप में रिलायंस एनर्जी की पहचान है, लेकिन कंपनी की ओर से रिलायंस इन्फ्रा को अलग कारोबार के तौर पर गठित किया गया है। जबकि रिलायंस एनर्जी पिछले पांच-छह सालों से लोगों के जेहन में है। यही वजह है कि रिलायंस इन्फ्रा ब्रांड के तौर पर अभी अपनी पहचान नहीं बना पाई है। लेकिन कुछ दिनों में यह एक ब्रांड के तौर पर स्थापित हो जाएगी।
आर इन्फ्रा के करीब 45 फीसदी शेयर आर पावर में है, जबकि कंपनी की कुल पूंजी आर पावर के मुकाबले आधे से भी कम है। ऐसे में आपको नहीं लगता कि आर इन्फ्रा की मार्केट वैल्यू आर पावर में की वजह से है?
कंपनी मुंबई, दिल्ली और उड़ीसा में पावर सप्लाई करती है और डिस्ट्रिब्यूशन के क्षेत्र में यह बड़ी निजी कंपनियों में शुमार है। कंपनी के पास करीब 21,500 करोड़ रुपये का ऑर्डर है। साथ ही इसके पास 10,000 करोड़ रुपये की नकदी है। ऐसे में कंपनी की मार्केट वैल्यू कम होने का सवाल ही नहीं उठता।
मंदी की मार अनिल अंबानी समूह की कंपनियों पर खूब पड़ी है। इसे आप किस तरह देखते हैं?
मंदी की वजह से सभी कंपनियों के शेयरों का भाव गिरा है। जहां तक आर इन्फ्रा की बता है, तो कंपनी अपनी परियोजनाओं में किसी तरह की फेर-बदल नहीं कर रही है। सभी परियोजनाएं अपने तय समय के हिसाब से चल रही हैं। कंपनी के पास पर्याप्त नकदी है, ऐसे में उसे फिलहाल कर्ज की जरूरत नहीं है।
विश्लेषकों का मानना है कि कई कंपनियों को ऑर्डर मिलने में परेशानी आ रही है। वहीं कुछ कंपनियां सौदे पर फिर से विचार कर रही हैं। आर इन्फ्रा की क्या स्थिति है?
आर इन्फ्रा के साथ ऐसी बात नहीं है। कंपनी के पास 21,500 करोड़ रुपये का ऑर्डर है। कंपनी सात परियोजनाओं पर काम कर रही है और करीब 1500 लोग कंपनी में कार्यरत हैं।
आर इन्फ्रा संयुक्त उद्यम के जरिए बिजली उपकरण निर्माण के क्षेत्र में उतरने की योजना बना रही थी। क्या यह योजना टाल दी गई है?
नहीं, कंपनी अभी शंघाई इलेक्ट्रिक के साथ बात कर रही है। कंपनी बिजली उपकरण निर्माण के क्षेत्र में उतरने की पूरी तैयारी कर रही है।
बिजली वितरण के क्षेत्र में किस तरह संभावनाएं हैं?
कई राज्यों की सरकारें निजी क्षेत्रों के जरिए बिजली वितरण का काम शुरू करने की इच्छा जता रही हैं। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार ने इसके लिए निविदा भी आमंत्रित की है। ऐसे में लगता है कि इस क्षेत्र में पर्याप्त संभावनाएं हैं।
कंपनी नकदी का उपयोग बायबैक के लिए करेगी?
हां, कंपनी अतिरिक्त नकदी का उपयोग बायबैक के लिए कर सकती है। हाल ही में कंपनी ने बायबैक का पहला चरण पूरा किया है और इस पर करीब 796 करोड़ रुपये खर्च किए गए। किसी भी कॉरपोरेट की ओर से यह अब तक का सबसे बड़ा बायबैक ऑफर था।

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First Published - March 26, 2009 | 1:16 PM IST

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