केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि वे बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर मानकर उनका प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कराएं।
केंद्रीय बिजली मंत्रालय के सचिव आलोक कुमार ने एक पत्र में कहा, ‘अब सरकार ने सभी व्यक्तिों के टीकाकरण की अनुमति दे दी है, ऐसे में मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि सरकारी व निजी क्षेत्र के बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कराएं, चाहे व स्थाई कर्मचारी हों, या ठेके पर काम कर रहे हों। सेंट्रल व रीजनल लोड डिस्पैच सेंटरों, कंट्रोल रूम व अन्य संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारी अहम है, और बिजली की अबाध आपूर्ति के लिए उनकी अहम भूमिका है। ऐसे में प्राथमिकता के आधार पर उनका टीकाकरण होना चाहिए।’
उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य मशीनरी से अनुरोध किया है कि बिजली क्षेत्र के सभी कर्मचारियों को टीका लगाने के लिए बड़े टीकाकरण शिविरों का आयोजन किया जाना चाहिए। कुमार ने कहा है, ‘यह बहुत अहम है कि बिजली क्षेत्र से जुड़े लोग, जिनमें तमाम एक दूसरे के साथ काम करते हैं और जनता से उनका सीधा संपर्क होता है, संक्रमण से बचे रहें। ऐसा करने से 24 घंटे बिजली की अबाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।’
बिजली उद्योग के संगठन एसोसिएशन आफ पावर प्रोड्यूसर्स ने बिजली मंत्रालय से कहा है कि ऑपरेशन से जुड़े सभी कर्मचारियों को टीकाकरण के प्राथमिकता में रखा जाना चाहिए। महाराष्ट्र सरकार ने पहले ही सभी निजी व सरकारी बिजली वितरण कंपनियों के कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर्स में रखा है और उनके टीकाकरण को प्राथमिकता दी जा रही है।