फोनपे ने देश में किया 2.5 करोड़ किराने का डिजिटलीकरण

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 10:52 PM IST

वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली डिजिटल भुगतान फर्म फोनपे ने कहा है कि उसने भारत में 2.5 करोड़ छोटे व्यापारियों और किराना दुकानों को डिजिटल कर दिया है। कंपनी ने यह भी कहा कि उसके प्लेटफॉर्म पर ऑफलाइन कारोबारी लेनदेन में पिछले साल के बाद से 200 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। फोनपे ने इस असाधारण वृद्धि का श्रेय पूरे भौगोलिक क्षेत्र में ऑफलाइन कारोबार की स्वीकृति में नजर आने वाले तीव्र विस्तार को दिया है, जिसमें देश भर में कंपनी के कारोबार स्वीकृति नेटवर्क का संचालन और समर्थन करने वाली 1,25,000 लोगों की दमदार फौज शामिल हैं।
फोनपे पेटीएम, गूगल पे और एमेजॉन पे जैसे भागीदारों के साथ मुकाबला कर रही है। फोनपे के संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी समीर निगम ने कहा ‘फोनपे भारत के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म के रूप में उभरी है और हम सभी प्रमुख पैमानों पर उद्योग का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें लेनदेन का मूल्य और मात्रा, पंजीकृत उपयोगकर्ता के साथ-साथ कारोबार का दायरा शामिल हैं।’ उन्होंने कहा ‘इस वर्ष की शुरुआत में हमने पूरे भारत में 2.5 करोड़ किराना दुकानों के डिजिटलीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया था और हमने अंतिम छोर तक भुगतान की पहुंच सुलभ बनाने तथा अपनी दमदार निष्पादन क्षमताओं पर अपने अनवरत ध्यान देने के कारण इस उपलब्धि को रिकॉर्ड समय में हासिल कर लिया है।’
बेंगलूरु स्थित इस फर्म का अब देश में 99 प्रतिशत पिन कोड वाले 15,700 कस्बों और गांवों में कारोबार का नेटवर्क है। इससे पहले कंपनी ने वर्ष 2021 के अंत तक 2.5 करोड़ की संख्या तक पहुंचने की अपनी योजना की घोषणा की थी और इसने इस लक्ष्य को निर्धारित समय से कुछ सप्ताह पहले ही हासिल कर लिया है।
फर्म ने इस साल अक्टूबर में अपने प्लेटफॉर्म पर दो अरब से अधिक का लेनदेन किया है। फोनपे इस साल फरवरी में एक अरब मासिक लेनदेन का आंकड़ा पार कर लिया था और इसका कहना है कि इस साल नवंबर में वह, केवल आठ महीने में ही, दो अरब वाली उपलब्धि हासिल कर चुकी है।
फोनपे के पास अब 33.5 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं। इसे देश भर में 2.2 करोड़ से अधिक कारोबारी दुकानों पर भी स्वीकार किया जाता है।

First Published : December 13, 2021 | 11:37 PM IST