जहां वॉलमार्ट समर्थित फोनपे पिछले तीन महीनों में ज्यादा यूपीआई लेनदेन कर प्रमुख यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ऐप के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत बना रही है, वहीं यूपीआई बाजार में हाल में शामिल होने वाली व्हाट्सऐप अब तक अपने भुगतान प्लेटफॉर्म पर बड़ी मात्रा में लेनदेन का प्रबंधन करने में विफल रही है।
फरवरी में, व्हाट्सऐप ने 32.41 करोड़ रुपये मूल्य के 5.5 लाख सौदे प्रसंस्कृत किए थे। दिसंबर से इन सौदों की संख्या घटी है। दिसंबर में उसने 29.72 करोड़ रुपये मूल्य के 8.1 लाख लेनदेन का प्रबंधन किया था। रिपोर्टों से पता चलता है कि व्हाट्सऐप अपना दायरा बढ़ाने से पहले ग्राहक अनुभव को मजबूत बनाना चाहती है।
फोनपे पर फरवरी में 1.89 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 97.553 करोड़ सौदे हुए। जनवरी में इस पर 1.91 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 96.872 करोड़ सौदे हुए। दूसरी तरफ गूगल पे ने पिछले साल नवंबर से सौदों की वैल्यू में बड़ी गिरावट दर्ज की है। जहां नवंबर में इस पर 96 करोड़ सौदे हुए, वहीं फरवरी में यह आंकड़ा घटकर 1.74 लाख करोड़ रुपये के साथ 82.786 सौदे रह गया। कुल मिलाकर, इन दो कंपनियों का फरवरी में सौदों की मात्रा के संदर्भ में पूरे यूपीआई बाजार में 78 प्रतिशत से कुछ ज्यादा और सौदों की वैल्यू के संदर्भ में 85 प्रतिशत योगदान रहा।
फरवरी में नैशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के प्रमुख पेमेंट प्लेटफॉर्म यूपीआई ने 4.25 लाख करोड़ रुपये के 2.29 अरब सौदे दर्ज किए। तिमाही आधार पर, सौदों में जनवरी के मुकाबले मात्रा के हिसाब से 0.42 प्रतिात तक और वैल्यू के लिलहाज से 1.39 प्रतिशत की कमी आई, क्योंकि फरवरी महीने में कुछ कम दिन थे। हालांकि सालाना आधार पर सौदों में मात्रा के लिहाज से 73 प्रतिशत तक और वैल्यू के लिहाज से 90 प्रतिशत तक का इजाफा दर्ज किया गया था।
इस व्यवस्था से जुड़ी पेटीएम पेमेंट्स बैंक जैसी अन्य बड़ी कंपनियों ने भी मासिक आधार पर वृद्घि दर्ज की। फरवरी में पेटीएम ने 34,405.44 करोड़ रुपये मूल्य के 29 करोड़ सौदे दर्ज किए। वहीं वैश्विक ई-कॉमर्स दिग्गज एमेजॉन द्वारा समर्थित एमेजॉन पे ने 3,831.99 करोड़ रुपये मूल्य के 4.422 करोड़ सौदे दर्ज किए। हाल में एमेजॉन ने अपने भारतीय डिजिटल भुगतान व्यवसाय में 225 करोड़ रुपये का निवेश किया है।