सरकारी बिजली कंपनी एनटीपीसी (NTPC) ने अपनी फंड जुटाने की योजना को आगे बढ़ाते हुए बड़ा फैसला लिया है। कंपनी के बोर्ड ने घरेलू बाजार से 12,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि, इसके लिए कंपनी को पहले शेयरधारकों की मंजूरी लेनी होगी।
यह फैसला शुक्रवार को हुई बोर्ड मीटिंग में लिया गया। इसी मीटिंग में कंपनी ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजों को भी मंजूरी दी।
एनटीपीसी यह रकम नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करके जुटाएगी। कंपनी जरूरत के हिसाब से सिक्योर्ड या अनसिक्योर्ड, टैक्सेबल या टैक्स-फ्री और क्यूमुलेटिव या नॉन-क्यूमुलेटिव NCD जारी कर सकती है। कंपनी ने कहा है कि वह यह राशि एक बार में नहीं, बल्कि अधिकतम 12 अलग-अलग किश्तों (ट्रेंच) में जुटा सकती है। यह पूरा फंड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए घरेलू बाजार से जुटाया जाएगा।
कंपनी के मुताबिक, शेयरधारकों से विशेष प्रस्ताव (Special Resolution) मंजूर होने के बाद यह योजना लागू होगी। इसके बाद एक साल तक या फिर वित्त वर्ष 2027-28 की अगली सालाना आम मीटिंग (AGM) तक, जो भी पहले होगा, कंपनी NCD जारी कर सकेगी।
एनटीपीसी ने बताया कि हर ट्रेंच में जारी होने वाले NCD की अवधि (Tenor), ब्याज दर (Coupon Rate), सिक्योरिटी स्ट्रक्चर और लिस्टिंग जैसी शर्तें उस समय तय की जाएंगी, जब उन्हें जारी किया जाएगा। कंपनी ने कहा कि NCD की अलग-अलग किश्तों को जरूरत के अनुसार BSE, NSE या दोनों एक्सचेंजों पर लिस्ट किया जा सकता है।
नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) ऐसा निवेश साधन है, जिसके जरिए कंपनियां निवेशकों से पैसा उधार लेती हैं। इसके बदले निवेशकों को तय ब्याज मिलता है। NCD को बाद में कंपनी के शेयरों में नहीं बदला जा सकता, इसलिए इसे नॉन-कन्वर्टिबल कहा जाता है।