facebookmetapixel
Advertisement
बंगाल में कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! सरकार 7वें वेतन आयोग लागू करने की तैयारी में, DA-DR में होगी बढ़ोतरीडॉलर की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से संभली भारतीय मुद्रा, 95.92 पर हुआ बंदसरकार ने संसद में ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ किया पेश, 10 साल तक जेल और ₹10 करोड़ तक जुर्माने का प्रस्तावCryptocurrency में करते हैं लेन-देन? CBDT ने जारी की नई ट्रांजैक्शन-एक्सचेंज गाइडलाइन, जानें क्या बदलाNPS New Tools: NPS में पैसा लगा रहे हैं? PFRDA का नया टूल बताएगा किस फंड ने दिया सबसे बेहतर रिटर्नQ1 Results: PN गाडगिल ज्वेलर्स का मुनाफा 52% बढ़ा, शेयर में आई 8% की जोरदार तेजीग्रेड-ए मॉल स्पेस की किल्लत, सप्लाई से 4.5 गुना ज्यादा लीजिंग; क्या डेवलपर्स के लिए है मौका?Propshop Events & Exhibitions IPO: आज से खुला ₹29 करोड़ का SME IPO, जानें प्राइस बैंड, GMP और आवेदन से जुड़ी सभी जरूरी बातेंशांतिपूर्ण प्रदर्शन संरक्षित अधिकार, लेकिन आंदोलन के नाम पर पुलिस लाठीचार्ज सही नहीं: SCईरान-अमेरिका तनाव कम होने का असर! BPCL, HPCL और IOC के शेयरों में आई तेजी

अभी तक नहीं किया ITR File? Paytm ने अपने ऐप पर शुरू की फाइलिंग की सुविधा, जानें स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

Advertisement

Paytm और टैक्स-फाइलिंग प्लेटफॉर्म ClearTax के साथ मिलकर ITR फाइलिंग की सुविधा शुरू की है, जिसके लिए उन्हें 11 रुपये की शुरुआती कीमत अदा करनी होगी

Last Updated- July 27, 2026 | 6:14 PM IST
Income TAX
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

ITR Filing 2026: देश में अभी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की समय चल है, जिसकी अंतिम तारीख 31 जुलाई है। टैक्स फाइलिंग सीजन के इस व्यस्त समय में Paytm और टैक्स-फाइलिंग प्लेटफॉर्म ClearTax ने टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिए एक साझेदारी की है। इसके तहत करोड़ों टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स फाइलिंग की सुविधा अब Paytm ऐप पर मिलेगी, जिसके लिए उन्हें 11 रुपये की शुरुआती कीमत अदा करनी होगी।

क्या है यह नई सुविधा?

आमतौर पर टैक्सपेयर्स ITR फाइलिंग के लिए किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या प्राइवेट टैक्स पोर्टल की मदद लेते हैं, जिसके लिए उन्हें एक मोटी फीस चुकानी पड़ती है। Paytm और ClearTax ने टैक्सपेयर्स की इस समस्या के निदान की कोशिश की है।

इस सर्विस से इन टैक्सपेयर्स को फायदा मिलेगा:

1. वेतनभोगी कर्मचारी (Salaried Class): जिन्हें Form 16 के आधार पर आसान फाइलिंग करनी होती है।
2. वरिष्ठ नागरिक एवं पेंशनभोगी: जिन्हें बैंक ब्याज और पेंशन आय का हिसाब देना होता है।
3. रिटेल निवेशक: जो शेयर बाजार, म्युचुअल फंड या डिजिटल एसेट्स से थोड़ी बहुत कमाई करते हैं।

ऑटो-फिल और स्मार्ट AI तकनीक से कागजी झंझट खत्म

अक्सर टैक्स भरते समय लोग Form 16 या 26AS की उलझनों और कठिन शब्दों से घबरा जाते हैं। Paytm ऐप पर ClearTax की तकनीक इस पूरी प्रक्रिया को सिर्फ 3 से 4 मिनट का काम बना देती है:

1. प्री-फिल्ड डेटा सिस्टम: इनकम टैक्स डिपार्मेंट के आधिकारिक डेटाबेस से उपयोगकर्ता का PAN, TDS कटौती और बैंक खातों की जानकारी अपने आप आ जाती है।
2. स्मार्ट फॉर्म चयन (Auto-ITR Selection): टैक्सपेयर्स को यह सोचने की जरूरत नहीं है कि उसे कौन सा ITR फॉर्म भरना है। सिस्टम आपकी इनकम सोर्स के हिसाब से सही फॉर्म चुन लेता है।
3. न्यू और ओल्ड टैक्स रिजीम में तुलान: इसमें मौजूद AI बेस्ड एल्गोरिदम तुरंत कैलकुलेशन करके बता देगा कि न्यू टैक्स रिजीम में ज्यादा फायदा है या ओल्ड टैक्स रिजीम में। इससे टैक्सपेयर्स के लिए सही टैक्स रिजीम चुनना आसान हो जाएगा।

इसके अलावा अगर टैक्सपेयर्स के पास ITR फाइल करने के बाद टैक्स डिपार्टमेंट से कोई नोटिस आता है तो इसमें ‘फ्री नोटिस प्रोटेक्शन (Notice Protection)’ को शामिल किया गया है, जो टैक्सपेयर्स की मदद करेगा।

Also Read: ‘प्रिजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम’ का उठाने जा रहे हैं फायदा? ITR Filing से पहले समझ लें नियम, नहीं तो आएगा नोटिस

Paytm ऐप से ITR फाइल करने का ‘Step-by-Step’ तरीका

Paytm ऐप के माध्यम से ITR फाइल के लिए किसी लैपटॉप या भारी-भरकम कागजात की जरूरत नहीं है। आप अपने स्मार्टफोन से ही इन आसान स्टेप्स में रिटर्न फाइल कर सकते हैं:

  • Paytm ऐप खोलें: अपने मोबाइल में ‘Paytm’ ओपन करें और नीचे ‘Free Tools’ या ‘Loans & Credit Score’ सेक्शन में जाएं।
  • ITR विकल्प का चयन करें: ‘File your ITR with ClearTax’ के बैनर/लिंक पर टैप करें।
  • लॉगिन करें: अपना रजिस्टर्ड ईमेल ID डालें और आपके मोबाइल पर आए OTP के जरिए ऑथेंटिकेट करें।
  • डेटा मिलाएं: सिस्टम द्वारा अपने आप भरे गए Form-16 और इनकम के ब्योरे की समीक्षा करें।
  • पेमेंट और सबमिशन: 11 रुपये की फीस Paytm UPI, वॉलेट या कार्ड से चुकाएं और ‘Submit’ पर क्लिक कर दें।

ClearTax के CEO और फाउंडर अर्चित गुप्ता का कहना है कि अंतिम समय में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सर्वर पर ट्रैफिक ज्यादा होने के कारण साइट स्लो होने का खतरा रहता है। इसके अलावा, 31 जुलाई की समय सीमा बीत जाने के बाद रिटर्न फाइल करने पर धारा 234F के तहत 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की पेनल्टी देनी पड़ सकती है और टैक्स रिफंड में भी महीनों की देरी हो सकती है। इसी समस्या से बचने के लिए समय रहते सिर्फ 11 रुपये खर्च करके इस डिजिटल और सुरक्षित सुविधा का फायदा टैक्सपेयर्स उठा सकते हैं।

Advertisement
First Published - July 27, 2026 | 6:13 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement