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नोवावैक्स टीका भी बनाएगी सीरम

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Last Updated- December 12, 2022 | 9:06 AM IST

भारत में जल्द ही कोविड-19 से बचाव के एक और टीके का उत्पादन शुरू हो सकता है। यह टीका अमेरिकी दवा कंपनी नोवावैक्स का है, जो ब्रिटेन में तीसरे चरण के परीक्षण के दौरान कोविड-19 महामारी से रोकथाम में 89.3 प्रतिशत तक असरदार रहा है। भारत में नोवावैक्स की साझेदार सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने देश में इस टीके के परीक्षण के लिए औषध नियामक को अर्जी भी दे दी है। जल्द ही भारत में भी इस टीके का उत्पादन शुरू करने की सीरम की योजना है।
नैसडैक में सूचीबद्ध और गैथर्सबर्ग में मुख्यालय वाली नोवावैक्स ने कहा कि उसका टीका एनवीएक्स-सीओ-वी2373 ब्रिटेन में तीसरे चरण के परीक्षण में 89.3 प्रतिशत असरदार रहा है और सभी जरूरी पैमानों पर खरा उतरा है। इस टीके के असर का अध्ययन उस समय हुआ, जब संक्रमण तेजी से बढ़ रहा था और ब्रिटेन में कोविड-19 विषाणु का नया स्वरूप भी सामने आ गया। कंपनी के इस टीके का परीक्षण ब्रिटेन सरकार के टीका कार्य बल के साथ मिलकर किया गया।
नोवावैक्स ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में भी उसके टीके का परीक्षण सफल रहा है। कंपनी के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्याधिकारी स्टैनली सी अर्क ने कहा, ‘ब्रिटेन में तीसरे चरण और दक्षिण अफ्रीका में 2बी क्लीनिकल परीक्षण के आंकड़े सामने आने के बाद अब हमारे पास तीनों चरणों के परीक्षण के नतीजे मौजूद हैं। ये परीक्षण 20,000 से अधिक लोगों पर किए गए थे। इसके अलावा प्रिवेंट-19 क्लीनिकल परीक्षण भी 16,000 से अधिक लोगों पर किया गया है।’ अर्क ने कहा कि कंपनी का टीका न केवल कोविड-19 के खिलाफ प्रभावी रहा है बल्कि ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में तेजी से फैल रहे इस वायरस के नए स्वरूप से निपटने में भी सक्षम साबित हुआ है।
ब्रिटेन में तीसरे चरण के परीक्षण में 18 से 84 वर्ष के 15,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिनमें 27 प्रतिशत लोगों की उम्र 65 वर्ष से अधिक थी। अंतरिम विश्लेषण 62 मामलों पर आधारित है, जिनमें कोविड-19 के 56 मामले प्रायोगिक औषधि प्रभाव समूह में पाए गए और 6 मामले एनवीएक्स-कोवी 2373 समूह के थे। कुल मिलाकर कंपनी का टीका 89.3 प्रतिशत असरदार रहा। नोवावैक्स का यह टीका 2 से 8 डिग्री सेल्सियल तापमान पर सरंक्षित रखा जा सकता है। यह टीका इस्तेमाल के लिए तैयार द्रव रूप में भेजा जाता है। इस वजह से मौजूदा आपूर्ति सुविधाओं के जरिये इस टीके का वितरण आसानी से किया जा सकता है।
इस बीच सीरम अगले दो महीनों में नोवावैक्स टीके (जिसे सीरम कोवोवैक्स कहती है) का उत्पादन शुरू कर सकती है। कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी अदार पूनावाला ने बिजनेस स्टैंडर्ड को इसकी जानकारी दी। सीरम को इस विषय की विशेषज्ञ समिति के सामने संशोधित परीक्षण प्रक्रिया सौंपने के लिए कहा गया है। समिति ने कहा है कि सीरम को प्रस्तावित अध्ययन प्रायोगिक औषधि प्रभाव या अन्य टीके के साथ तुलनात्मक के तौर पर करना होगा।

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First Published - January 29, 2021 | 11:21 PM IST

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