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भारत में 60 लाख टन स्टील क्षमता पर नित्या कैपिटल की नजर

नित्या कैपिटल के संस्थापक और चेयरमैन जय सराफ ने कहा कि इवोनिथ के तहत बड़े विस्तार 14 लाख टन से 35 लाख टन तक में करीब तीन साल लगेंगे।

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ईशिता आयान दत्त   
Last Updated- November 05, 2025 | 10:28 PM IST

ब्रिटेन की वैश्विक सलाहकार एवं निवेश फर्म नित्या कैपिटल भारत में 60 लाख टन इस्पात क्षमता की योजना बना रही है। कंपनी नए संयंत्र और अधिग्रहण के जरिये इस लक्ष्य को पूरा करना चाह रही है। कंपनी विस्तार के वास्ते रकम जुटाने की अपनी रणनीति के तौर पर आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने का भी विचार कर रही है।

भारत में धातु और खनन क्षेत्र में नित्या का प्रवेश महाराष्ट्र के वर्धा स्टील कॉम्प्लेक्स में इवोनिथ स्टील के स्वामित्व वाली इवोनिथ मेटालिक्स लिमिटेड (पूर्व में उत्तम गैल्वा मेटालिक्स लिमिटेड) और इवोनिथ वैल्यू स्टील लिमिटेड (पूर्व में उत्तम वैल्यू स्टील्स लिमिटेड) के निवेश के जरिये हुआ है। इन कंपनियों का अधिग्रहण साल 2020 में दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत किया गया था।

नित्या कैपिटल के संस्थापक और चेयरमैन जय सराफ ने कहा कि इवोनिथ के तहत बड़े विस्तार 14 लाख टन से 35 लाख टन तक में करीब तीन साल लगेंगे। कुल पूंजीगत व्यय 5,500 से 6,000 करोड़ रुपये के बीच होगा, जिसके लिए कुछ रकम आंतरिक स्रोतों से जुटाई जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हम अगले 18 से 24 महीनों महीनों में आईपीओ लाने की योजना बना रहे हैं और शेष निवेश ऋण के जरिये जुटाएंगे।’

नित्या की योजना इवोनिथ मेटालिक्स लिमिटेड (ईएमएल) और इवोनिथ वैल्यू स्टील लिमिटेड (ईवीएसएल) को एक छत के नीचे लाने की है। इसके बाद, संयुक्त इकाई बाजार में आएगी। फिलहाल, तैयार इस्पात उत्पादन क्षमता लगभग 8 लाख टन है। दिसंबर तक, एक डक्टाइल आयरन पाइप परियोजना के जुड़ने से यह बढ़कर 11 लाख टन हो जाएगी और अगले वित्त वर्ष के अंत तक क्षमता 14 लाख टन हो जाएगी। इवोनिथ 35 लाख टन क्षमता तक पहुंचने की रणनीति बना रही है। साथ ही अधिग्रहण के माध्यम से 25 लाख टन क्षमता जोड़ने की भी योजना है।

First Published : November 5, 2025 | 10:00 PM IST