नई कंपनी निर्यात क्षमता बढ़ाएगी

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 11:25 PM IST

बीएस बातचीत
जापान की प्रमुख कृषि मशीनरी कंपनी कुबोता कॉरपोरेशन के साथ होने से भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर कृषि समाधान क्षेत्र में एक दमदार कंपनी तैयार होगी। एस्कॉट्र्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक निखिल नंदा ने शैली सेठ मोहिले से बातचीत में कहा कि इससे एस्कॉट्र्स के शेयरधारकों के लिए उल्लेखनीय मूल्य सृजित होगा और यह कंपनी को पूरी तरह संस्थागत बनाने की दिशा में उठाया गया एक कदम है। पेश हैं मुख्य अंश:
इस सौदे के पीछे बुनियादी विचार क्या है? क्या नंदा परिवार अपनी हिस्सेदारी बेचने तैयारी कर रहा है?
हमें खुद से पहले संस्थान को रखना होगा। गुरुवार को उठाए गए कदम से यह सुनिश्चित होता है कि कंपनी एक विश्वस्तरीय कंपनी बनने के लिए पूरी तरह तैयार है और उसे चारों ओर से समर्थन मिल रहा है। एस्कॉट्र्स को पूरी तरह संस्थागत बनाना मेरी जिम्मेदारी है।
मुझे लगता है कि यह देश, कंपनी और मेरे परिवार के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। हमारी ओर से घोषित सौदा पूरा होने पर बोर्ड दोनों कंपनियों के विलय पर विचार-विमर्श करेगा। इससे भारतीय बाजार में कृषि समाधान उत्पाद तैयार करने वाली काफी दमदार कंपनी सृजित होगी। इसके अलावा नई कंपनी निर्यात क्षमता को काफी बेहतर करने में भी समर्थ होगी। यह भगवान का आर्शीवाद है।
नंदा परिवार ने शून्य शेयर बेचे हैं और कोई भी शेयर बेचने की हमारी मंशा नहीं है। इस सौदे से दो प्रवर्तकों- नंदा परिवार और कुबोता- साथ मिलकर एक संयुक्त साझेदारी सृजित करेंगे।
तरजीही आवंटन से प्राप्त आय का उपयोग कहां करेंगे?
हम एक मध्यावधि कारोबारी योजना तैयार करने की प्रक्रिया में हैं और हम अगले साल मई-जून तक अपनी योजना और रणनीतिक इराजे का खुलासा करेंगे। हमारे पास कई दमदार एवं महत्त्वपूर्ण योजनाएं हैं जो संयंत्रों के उन्नयन, नए उत्पाद और एक विश्वस्तरीय अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित करने से संबंधित हैं।
जब आप बहुलांश हिस्सेदारी में रह सकते थे तो नियंत्रण को छोडऩे के पीछे क्या तर्क क्या है?
गुरुवार को की गई घोषणा मूल्य निर्माण एवं लक्ष्य निर्धारित करने के बारे में थी। यदि में बहुलांश अथवा अल्पांश हिस्सेदारी के लिहाज से उसके बारे में सोचूंगा तो वह चीजों के दायरे को संकुचित कर देगा। यह मेरे दिमाग में कभी नहीं आया। मैं मूल्य सृजित करना चाहता हूं
और भारत एवं जापान के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना चाहता हूं।
मैं चाहता हूं कि स्कॉट्र्स कृषि समुदाय की सेवा करे और एक जबरदस्त प्लेटफॉर्म तैयार करे। इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत 2018 में उस समय हुई थी जब हमने कुबोता के साथ संयुक्त उद्यम शुरू किया था।

First Published : November 19, 2021 | 11:50 PM IST