सिंगुर से दुखी होकर जाने की धमकी के बाद टाटा समूह की कंपनी टाटा मोटर्स पर लगभग सभी राज्य मेहरबान हो रहे हैं।
टाटा को नैनो के लिए हरियाणा, उत्तरांचल, गुजरात जैसे राज्य पहले ही न्योता दे चुके हैं। हाल ही में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) ने भी टाटा समूह को भविष्य की परियोजनाओं के लिए नासिक से 30 किलामीटर की दूरी पर सिन्नार में लगभग 3,750 एकड़ जमीन देने की घोषणा की है। इस जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया अगले दो हफ्तों में शुरू की जाएगी।
इससे पहले एमआईडीसी ने इंडिया बुल्स रियल एस्टेट के विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) के लिए लगभग 2,500 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था। लेकिन एमआईडीसी फिर से 3,750 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी ने अधिसूचना भी जारी कर दी है।
इस मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया, ‘एमआईडीसी कुल 6,250 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करेगी। इसमें से 3,750 एकड़ जमीन को निगम टाटा समूह को उसकी परियोजनाओं के लिए देगी।’ हालांकि उन्होंने इस बारे में और कोई जानकारी देने से साफ मना कर दिया।
टाटा समूह पिछले दो साल से नासिक के पास जमीन की मांग कर रहा था। इसके लिए समूह कई बार एमआईडीसी से बात भी कर चुका था। लेकिन नासिक में औद्योगिक कामों के लिए उस समय जमीन उपलब्ध नहीं थी। इसीलिए कंपनी को तब भूमि नहीं मिल पाई थी। टाटा समूह ने हाल ही में इंडिया बुल्स से सेज बनाने के लिए आवंटित 2,500 एकड़ भूमि खरीदने के लिए भी बात की थी, लेकिन इंडिया बुल्स ने साफ मना कर दिया था।
सूत्रों के अनुसार टाटा समूह की टाटा मोटर्स अगले चार साल में बड़े स्तर पर विस्तार करने की योजना बना रही है। कंपनी अगले चार साल में देश में लगभग चार निर्माण संयंत्र लगाने की योजना बना रही है। नासिक में ऑटो उद्योग में काम करने के लिए प्रशिक्षित श्रम भी है।
जमीन की उपलब्धता और अच्छा मौसम यहां के ऑटो उद्योग के लिए फायदेमंद साबित होते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए टाटा मोटर्स ने चारों नई इकाइयां सिन्नार में लगाने की योजना बनाई है।