सोशल कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो सॉफ्टबैंक विजन फंड 2 के नेतृत्व में नए निवेश दौर के तहत 30 करोड़ डॉलर जुटाने के बाद यूनिकॉर्न क्लब में शामिल होने वाला नया स्टार्टअप बन गया है। कंपनी ने आज कहा कि इस निवेश दौर के बाद उसका मूल्यांकन बढ़कर 2.1 अरब डॉलर हो गया है।
बेंगलूरु की इस कंपनी ऐसा पहला भारतीय स्टार्टअप है जिसमें फेसबुक ने इक्विटी निवेश किया है। पिछली बार अगस्त 2019 में जब उसने फेसबुक, नैसपर्स एवं अन्य से रकम जुटाई थी तो उसका मूल्यांकन 70 करोड़ डॉलर था।
ताजा निवेश दौर के तहत मीशो का मूल्यांकन बढ़कर दोगुना से अधिक हो गया और इसमें प्रोसस वेंचर्स, फेसबुक, शुनवेई कैपिटल, वेंचर हाईवे और नॉलवुड इन्वेस्टमेंट जैस मौजूदा निवेशकों ने भी भाग लिया। फेसबुक ने 2019 में इसमें करीब 2.5 करोड़ डॉलर का निवेश किया था। मीशो रीसेलरों को व्हाट्सऐप एवं फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म पर उत्पादों की बिक्री करने के लिए एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती है। इन रीसेलरों में काफी हद तक गृहणियां और छोटे व्यापारी शामिल हैं। मीशो ताजा दौर के तहत जुटाई गई रकम का इस्तेमाल प्रौद्योगिकी, उत्पाद, कारोबार आदि विभिन्न इकाइयों में प्रतिभाओं को मजबूती देने में करेगी।
मीशो के संस्थापक एवं सीईओ विदित अत्रे ने कहा, ‘मीशो जिस रफ्तार के साथ आगे बढ़ी है और जिस पैमाने पर विस्तार किया है उससे हमें गर्व है। इसने लाखों लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है और उन्हें इस दौरान काफी कुछ सीखने का अवसर दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘ताजा दौर के वित्त पोषण के तहत हम सॉफ्टबैंक को सामने लाने के लिए बेहद रोमांचित हैं। हम अपने दृष्टिकोण के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। मीशो आकांक्षी महिला उद्यमियों की मदद से लेकर एक ऐसा परिवेश तैयार कर रही है जो भारत में सभी छोटे कारोबारियों को ऑनलाइन सफलता हासिल करने में समर्थ बनाएगा।’
अत्रे ने कहा कि कंपनी अपनी दृष्टि के तहत 10 करोड़ छोटे कारोबारियों को कारोबार शुरू करने, उसे सफल बनाने और मीशो के साथ ऑनलाइन परिचालन का नेतृत्व करने में समर्थ बनाना था। सोशल कॉमर्स यानी फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम अथवा ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये सीधी खरीद अथवा बिक्री अगले कुछ वर्षों में काफी बढऩे की उम्मीद है।