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मुनाफे की राहें टटोल रही मैकडॉनल्ड

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Last Updated- December 10, 2022 | 9:15 PM IST

भारत में खाने की मेज पर जगह बना चुकी मैकडॉनल्ड इंडिया अब होम डिलीवरी और ज्यादा समय तक सेवा प्रदान करने जैसी सुविधाएं प्रदान करने पर गौर कर रही है।
कंपनी अगले पांच साल में होम डिलीवरी, सेल्फ सर्विस कियोस्क, ड्राइव थू्र, काम के ज्यादा घंटे और नाश्ते के जरिये अपनी आय का 50 से 60 फीसदी जुटाना चाहती है। अभी इन मदों से कंपनी आमदनी का 15 फीसदी जुटा रही है।
मैकडॉनल्ड (उत्तर और पूर्व) के प्रबंध निदेशक विक्रम बख्शी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हमलोग ड्राइव थ्रू, ज्यादा काम के घंटों, नाश्ता, डिलीवरी और स्टैंड अलोन कियोस्क जैसे बिज़नेस मॉडलों में काफी संभावनाएं देख रहे हैं।’
पिछले 12 सालों में मैकडॉनल्ड ने भारत में 155 स्टोर खोले हैं। कंपनी ने एक्सप्रेस वे पर अपने स्टोर खोलने के लिए एचपीसीएल और बीपीसीएल से समझौते भी किए हैं। सुबह के समय नाश्ते की मांग करने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने अपने कुछ स्टोरों पर काम के घंटे में भी बढ़ोतरी की है। इसके अलावा 1 बजे रात में खाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
कंपनी ने होम डिलीवरी की सुविधा भी मुहैया कराई है। बख्शी ने कहा, ‘इस तरह के पहल के जरिये हम अपने विकास को गति देने की रणनीति बना रहे हैं। आगे हमलोग इन बिज़नेस मॉडलों में निवेश कर कुल आय में इनकी हिस्सेदारी में इजाफा करेंगे। अभी जहां इन मदों से कंपनी को 15 फीसदी की आमदनी होती है, वहीं इसे बढ़ाकर 50 से 60 फीसदी करने की कोशिश की जा रही है।’
20 रुपये की कीमत पर मेन्यु उपलब्ध कराने की कंपनी की पहल काफी सफल रही। इस पर मैकडॉनल्ड (दक्षिण और पश्चिम) के प्रबंध निदेशक अमित जटिया कहते हैं, ’20 रुपये की कीमत पर उत्पाद उपलब्ध कराना बहुत बड़ी चुनौती है, लेकिन हमलोगों ने पिछले चार साल में इसे सफलतापूर्वक चलाया है। हम इस पहल को जारी रखेंगे।’

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First Published - March 23, 2009 | 11:40 PM IST

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