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मंदी के माहौल के हिसाब से बाजार सस्ते नहीं

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Last Updated- December 15, 2022 | 1:55 AM IST

बीएस बातचीत

डीएसपी म्युचुअल फंड के अध्यक्ष कल्पेन पारेख का कहना है कि बाजार में बिकवाली का ज्यादातर दबाव बड़े निवेशकों से है, जबकि एसआईपी का प्रवाह मजबूत बना हुआ है। जश कृपलानी के साथ बातचीत में पारेख ने उन मूल्यांकन और योजनाओं पर अपने विचार साझा किए जिन पर निवेशक अस्थिरता के मौजूदा दौर में दांव लगा सकते हैं। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच इक्विटी प्रवाह और एसआईपी प्रवाह दोनों में कमजोरी आनी शुरू हुई है। क्या आप इसे लेकर चिंतित हैं?
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये निवेश प्रवाह में मामूली कमी आई है। हालांकि वे अभी भी 8,000 करोड़ रुपये के आंकड़े के आसपास बनी हुई हैं। कोविड के बाद इनमें कुछ नरमी आई है, लेकिन इसे लेकर चिंतित होने की कोई वजह नहीं दिख रही है। ज्यादातर बिकवाली बड़े निवेश के पुराने स्टॉक से हुई है। इसके लिए कई कारण हैं। कोविड-19 के बाद कुछ निवेशकों को नकदी प्रवाह और नकदी संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ा है। निवेशकों ने अनिश्चित समय देखा है, क्योंकि एयरलाइंस और होटलों समेत कई उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। रोजगार नुकसान और वेतन कटौती की आशंकाएं बनी हुई हैं। निवेशकों को इस तरह के समय के लिए नकदी बचाकर रखनी चाहिए।

लार्ज-कैप, मिड और स्मॉल-कैप में मौजूदा मूल्यांकन के बारे में आपकी क्या राय है?
बाजार सामान्य तौर पर कुछ समय से अपने ऐतिहासिक औसत से महंगा बना हुआ है। यह स्थिति दुनिया भर के बाजारों के साथ है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ब्याज दरें सर्वाधिक निचले स्तरों पर है, मूल्यांकन महंगा हो रहा है। उम्मीद थी कि आय चक्र साल के निचले स्तर से कुछ सुधर सकता है और मूल्यांकन आय में सुधार के साथ तर्कसंगत होगा। मार्च से बाजार तेजी से बढ़े हैं। बैंकिंग और वित्त (जो अपनी पिछली ऊंचाई के मुकाबले काफी नीचे बने हुए हैं) को छोड़कर, ज्यादातर क्षेत्र कोविड-पूर्व स्तरों पर वापस आ चुके हैं। इसलिए, लार्ज-कैप का मूल्यांकन अपने ऊंचे बिंदुओं पर वापस आ गया है। जब हम, भविष्य के बारे में सोचते हैं, तो हमें यह देखना होगा कि अगली दो-तीन तिमाहियां कैसी रहेंगी। राजस्व वृद्घि के संदर्भ में लॉकडाउन का प्रभाव अगली कुछ तिमाहियों में देखा जाएगा। इसलिए, मूयांकन इस समय सस्ता नहीं दिख रहा है। लार्ज-कैप की तुलना में मिड और स्मॉल-कैप ज्यादा गिरे हैं। हमारा मानना है कि स्मॉल-कैप का मूल्यांकन अपने लार्ज-कैप प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले ज्यादा सामान्य हो गया है। हालांकि बाजार इतने ज्यादा सस्ते नहीं है जितने कि संभावित आर्थिक मंदी के परिवेश में होना चाहिए।

किस तरह की योजनाएं उतार-चढ़ाव कम बनाए रखने में मददगार हो सकती हैं?
निवेशक डायनेमिक ऐसेट एलोकेशन फंडों पर विचार कर सकते हैं। ऐसे फंड उस स्थिति में इक्विटी जोखिम घटाते हैं जब बाजार मूल्यांकन चढ़ता है, और डेट निवेश बढ़ता है। जब बाजार मूल्यांकन सस्ता होता है तो वे इसके विपरीत प्रदर्शन करते हैं। ऐसे परिवेश में, जब इस बारे में सीमित डेटा और स्पष्टता हो कि भविष्य में हालात कैसे रहेेंगे, तो डायनेमिक ऐसेट एलोकेशन फंड निवेशक के पोर्टफोलियो का मुख्य हिस्सा बनाए जाने चाहिए। वहीं सामान्य परिवेश में, निवेशकों को अन्य उत्पाद श्रेणियों की सलाह दी जा सकती है।

कुछ खास योजनाओं के बंद होने के बाद डेट फंडों को लेकर धारणा कुछ हद तक प्रभावित हुई है। इस बारे में आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
उत्पाद में निहित जोखिम के बारे में समझना निवेशकों के लिए जरूरी है। 15 लाख करोड़ रुपये की डेट श्रेणी में, परिसंपत्तियों का एक छोटा हिस्सा क्रेडिट रिस्क फंडों में है जिससे निवेशकों के लिए चिंताएं बढ़ी हैं। हालांकि 14.7 लाख करोड़ रुपये के शेष बड़े हिस्से ने लगातार प्रतिफल दिया है। डेट उत्पाद निवेशकों को अपनी कुल परिसंपत्ति आवंटन जरूरतें पूरी करने के लिए वैल्यू में इजाफा बरकरार रखेंगे। निवेशकों को प्रतिफल और जोखिम को ध्यान में रखकर उत्पाद श्रेणियों का चयन करना चाहिए। कमजोर ऋण परिवेश को देखते हुए निवेशक फिलहाल इस सेगमेंट से परहेज कर सकते हैं, हालांकि ज्यादातर खराब खबरों का असर कीमतों पर दिख चुका है।

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First Published - September 15, 2020 | 12:52 AM IST

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