कोविड-19 से कमाई पर चोट खाने के बाद भारतीय कंपनियों के सामने महंगाई और जिंसों की ऊंची कीमतों के कारण राजस्व और मार्जिन पर बुरा असर पडऩे की चिंता खड़ी हो गई है। महंगाई की सबसे ज्यादा फिक्र वाहन, टिकाऊ उपभोक्ता सामान और रोजमर्रा के सामान (एफएमसीजी) जैसे उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली कंपनियों मे है।
सभी क्षेत्रों की कंपनियों को डर है कि कमजोर मांग के कारण वे कच्चे माल की लागत में बढ़ोतरी का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल पाएंगी, जिसका असर अगली कुछ तिमाहियों में उनके मार्जिन और मुनाफे पर पड़ेगा। मारुति सुजूकी इंडिया में कार्यकारी निदेशक (बिक्री एवं विपणन) शशांक श्रीवास्तव ने कहा, ‘हम सतर्क हैं और स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं।’ उन्होंने मांग में शुरुआती सुधार के बीच बिक्री की रफ्तार बनाए रखने की कंपनी की रणनीति का संकेत दिया।
मारुति देश की सबसे बड़ी यात्री कार कंपनी है मगर कच्चे माल की अधिक लागत और कम बिक्री के कारण जून 2021 तिमाही (वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही) में उसका परिचालन मार्जिन एक दशक में सबसे कम रहा। श्रीवास्तव ने कहा कि वित्त वर्ष 2022 के पहले चार महीनों में मारुति की बिक्री पिछली तिमाही और साल भर पहले की तुलना में काफी बढ़ी है। मगर वित्त वर्ष 2019 की इसी अवधि के मुकाबले बिक्री का आंकड़ा 19 फीसदी कम है।
टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद कंपनियों की भी यही स्थिति है। हैवेल्स इंडिया के चेयरमैन और एमडी अनिल राय गुप्ता ने विश्लेषकों से बातचीत में कहा, ‘जिंसों के दाम अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों पर हैं, जिससे मार्जिन पर चोट पड़ रही है। इस वजह से हम बाजार में अपने उत्पादों की बिक्री कीमत और बाजार हिस्सेदारी तथा मार्जिन के बीच लगातार संतुलन बनाकर चलते रहे हैं।’ उत्पादन लागत बढऩे के कारण वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में कंपनी का परिचालन मार्जिन वित्त वर्ष 2021 की आखिरी तिमाही के मुकाबले 140 आधार अंक घट गया।
एफएमसीजी कंपनियों की स्थिति कुछ बेहतर है क्योंकि उनके पास दाम बढ़ाने का अधिक मौका और गुंजाइश होते हैं। लेकिन जून में खत्म तिमाही के दौरान उनके भी मार्जिन में कमी आई है। हिंदुस्तान यूनिलीवर के कार्यकारी निदेशक और मुख्य वित्त अधिकारी ऋतेश तिवारी ने नतीजों के बाद विश्लेषकों के साथ बातचीत में कहा था, ‘हमारा एबिटा मार्जिन मुख्य रूप से कच्चे माल की लागत बढ़ोतरी और विज्ञापन एïवं प्रचार खर्च में इजाफे के कारण साल भर पहले के मुकाबले 110 आधार अंक गिरा है।’