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एलऐंडटी को रेल विकास निगम से मिला बड़ा ठेका

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Last Updated- December 12, 2022 | 9:36 AM IST

प्रमुख इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन ऐंड टुब्रो (एलऐंडटी) की निर्माण इकाई एलऐंडटी को उसके भारी सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर कारोबार के लिए रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएलएल) से एक बड़ा ऑर्डर मिला है। इसके तहत उत्तराखंड में ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच न्यू ब्रॉड-गेज लाइन के पैकेज-4 पर काम करना है। इस सौदे को बड़े सौदों की श्रेणी में रखा गया है और इसलिए इसका आकार 2,500 से 5,000 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है।
इस परियोजना में सुरंगों का निर्माण, फॉर्मेशन, शाफ्ट का निर्माण और ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच अन्य सहायक कार्य शामिल हैं। इस परियोजना के तहत 14.577 किलोमीटर अप लाइन और 13.123 किलोमीटर डाउन लाइन सुरंगों का निर्माण शामिल है। इसके तहत 14.577 किलोमीटर सुरंग के निर्माण के अलावा 10.49 किलोमीटर और 10.317 किलोमीटर सुरंग का निर्माण दो हार्ड रॉक टनल बोरिंग मशीनों (टीबीएम) के जरिये किया जाएगा जबकि शेष में न्यू ऑस्ट्रियन टनल मेथड (एनएटीएम) का इस्तेमाल किया जाएगा।
इस परियोजना के तहत एक इलिप्सॉइडल सह वेंटिलेशन शाफ्ट का भी निर्माण किया जाएगा जो तैयार क्रॉस-सेक्शन के 79 वर्ग मीटर पर और 32 मीटर गहरा होगा। यह देश के हिमालयी क्षेत्र में तैनात सबसे बड़ा टीबीएम होगी और टीबीएम के जरिये बनाए गए सुरंग की लंबाई 20.807 किलोमीटर होगी। यह हिमालयी क्षेत्र में सबसे लंबी परियोजना होगी। इस परियोजना को 60 महीनों के भीतर किसी भी सूरत में पूरा करना होगा।
कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक एवं वरिष्ठï कार्यकारी उपाध्यक्ष (सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर) एसवी देसाई ने कहा, ‘ऋषिकेश और कर्णप्रयाग के बीच रेल लिंक स्थापित होने से न केवल उत्तराखंड के तीर्थ यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि पिछड़े क्षेत्र में भी विकास के अवसर पैदा होंगे और उसे नए व्यापार केंद्रों एवं रिहायशी आबादी से जोड़ा जा सकेगा।’ एलऐंडटी इस प्रतिष्ठिïत परियोजना के पैकेज-2 का निर्माण पहले से ही कर रही है। पैकेज-2 के तहत एनएटीएम के जरिये 24 किलोमीटर सुरंग, छोटे-मोटे पुल और फॉर्मेशन कार्य शामिल हैं।

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First Published - January 18, 2021 | 11:09 PM IST

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