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एयरलाइन ट्रैक पर लाने के लिए बहुत सारे मसले हल करने होंगे

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Last Updated- December 05, 2022 | 6:59 PM IST

रघु मेनन ने मंगलवार को मुंबई में एनएसीआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक का पदभार संभाला।


कंपनी के कर्ताधर्ता के रूप में अपनी प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं वगैरह पर मनीषा सिंघल ने उनसे बातचीत की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश-


एनएसीआईएल के सीएमडी के रूप में आपकी क्या प्राथमिकताएं हैं?


उपभोक्ता ही हमारे लिए सबसे ज्यादा महत्व रखते हैं। हमें यह देखना होगा कि हम न सिर्फ ग्राहकों को आकर्षित करें बल्कि उनके हवाई सफर को एक यादगार अनुभव बना दें। इसके लिए जरूरी है कि सभी कर्मचारी इस मकसद को ध्यान में रखें। हमें अपनी सेवाओं और राजस्व में बढ़ोत्तरी करनी है। इसके लिए जरूरी है कि हमारे जहाज यात्रियों से भरे हों। इसके अलावा समय पर बेहतर सेवा देना बेहद मायने रखता है।


कर्मचारियों को समाहित करने का मसला कब और कैसे सुलझेगा, क्योंकि यह विलय के रास्ते में रोड़ा बना हुआ है?


एयर इंडिया और इंडियन एअरलाइंस के विलय की प्रक्रिया तेजी से निपटानी होगी। काफी काम हो भी चुका है लगभग 75 से 80 फीसदी काम निपटा लिया गया है लेकिन मानव संसाधन से जुड़ा मसला एक चुनौती है क्योंकि इसमें काफी बड़ी संख्या में कर्मचारी का भविष्य जुड़ा है। इस मसले को काफी व्यवस्थित तरीके से सुलझाने की जरूरत है।


मैं इस मामले को पूरी तरह समझने की कोशिश कर रहा हूं। अगले कुछ दिनों में कर्मचारियों के साथ बातचीत होगी। इस मामले में जो बात सबसे ज्यादा मायने रखती है वह यह कि सबके साथ न्याय हो।


एयर इंडिया को काफी घाटा हुआ है तो इससे निपटने के लिए क्या योजना है?


देखिए हमें एयरलाइन को वापस ट्रैक पर लाने के लिए बहुत सारे मसले हल करने की जरूरत है। मेरे पास कोई जादू की छड़ी तो है नहीं। कईं दशकों के बाद नए हवाई जहाजों को शामिल करना महत्व रखता है। अंतर्राष्ट्रीय हवाई मार्गों पर प्रतियोगिता बढ़ती जा रही है हमें इसका मुकाबला करने के लिए भी सटीक उपाय तलाशने होंगे।


अंतर्राष्ट्रीय हवाई मार्गों में पंख पसारने के लिए क्या रणनीति अपनाएंगे?


चूंकि प्रतियोगिता काफी बढ़ चुकी है इसलिए हमें खास तौर पर खाड़ी की ओर के हवाई मार्गों पर ध्यान देना होगा। इस मार्ग पर अपनी मौजूदगी को बेहतर बनाना मेरी सूची में सबसे ऊपर है। सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय मार्गों के लिए काफी सुविधाएं दे रखी हैं लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। खाड़ी के लिए भी ऐसी सुविधाएं मौजूद हैं और एयर इंडिया इनका बेहतर इस्तेमाल करने की स्थिति में है। इसके अलावा हम कुछ नए अंतर्राष्ट्रीय हवाई मार्गों पर भी सेवाएं संचालित करने की योजना बनाएंगे।


निजी क्षेत्र से जो प्रतियोगिता मिल रही है उस पर क्या कहेंगें?


मैंने अभी हाल ही में अपनी कंपनी के जहाज से सफर किया और मेरा अनुभव काफी अच्छा रहा। हमारे जहाज बिल्कुल नए हैं और उनमें यात्रा  करना बेहद सुखद है। वे किसी भी निजी विमान कंपनी को टक्कर देने में सक्षम हैं।

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First Published - April 3, 2008 | 12:03 AM IST

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