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हिस्सेदारी बढ़ाने की जुगत में एलजी

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Last Updated- December 11, 2022 | 3:25 AM IST

ग्राहकों के बीच प्रचलित ब्रांडों के जरिए कोरिया की कंज्यूमर डयूरेबल कंपनी एलजी उम्मीद कर रही है कि 2009 में 1000 करोड़ रुपये का कारोबार हो जाएगा।
इस बाबत एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने कंज्यूमर लाइफस्टाइल उत्पादों के लिए शोध किया है और एलजी इंडिया के जरिए भारत में कुछ कस्टमाइज्ड उत्पाद लॉन्च की है। पिछले साल इसी तरह के दो उत्पाद भारतीय बाजार में उतारे गए थे और इससे 20 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी।
कंपनी उम्मीद कर रही है कि 2010 में इन उत्पादों का योगदान मौजूदा 10 फीसदी से बढ़कर 20 फीसदी हो सकता है। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एलजीईआईएल) के प्रबंध निदेशक मून बी. शिन ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हम उम्मीद करते हैं कि अगले तीन से चार साल में कंज्यूमर इनसाइट श्रेणी के उत्पादों से 30 फीसदी तक की आमदनी हो सकती है।’
उन्होंने बताया कि ये उत्पाद भारत में हमारी वृद्धि की रफ्तार को तेज करने में मदद करेंगे। पिछले छह महीने में एलजी ने 6 से 7 नए उत्पाद बाजार में उतारे हैं, जिनमें जैज एलसीडी, टॉकिंग वॉशिंग मशीन, निम्बस रेफ्रिजेरेटर, प्री फेड रेसिपी माइक्रोवेव ओवंस, डॉल्बी साउंड सेल फोन और एयर कंडीशनर प्रमुख हैं।
शिन कहते हैं, ‘इन उत्पादों की मांग दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों में काफी अधिक रही है। हमलोग हर छह महीने में इस तरह के उत्पाद बाजार में उतारने की योजना बना रहे हैं।’ कंपनी शोध और विकास (आर ऐंड डी) और लाइफ स्टाइल रिसर्च पर अधिक से अधिक निवेश कर ऐसे उत्पाद बनाने की योजना बना रही है, जो भारतीय ग्राहकों की जरूरतों के मुताबिक हो।
उन्होंने कहा, ‘इस तरह के उत्पाद विकसित करने के लिए आर ऐंड डी पर हम सालाना 200 करोड़ रुपये खर्च करेंगे और जैसे जैसे इसकी मांग बढ़ेगी, इस राशि को बढ़ा दी जाएगी।’ कंपनी ने अगले दो साल में इस तरह के उत्पादों के 30 फीसदी बाजार पर काबिज होने का लक्ष्य रखा है।

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First Published - April 28, 2009 | 9:02 AM IST

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