देश की सबसे बड़ी फूड सर्विस कंपनी जुबिलैंट फूडवक्र्स ऐसे समय में नई श्रेणियों पर दांव लगा रही है जब प्रतिस्पर्धी कंपनियां वैश्विक महामारी के मद्देनजर अपने मौजूदा कारोबार को बरकरार रखने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
भारत में डोमिनोज पिज्जा और डंकिन डोनट्स के मास्टर फ्रैंचाइजी जुबिलैंट फूडवक्र्स ने पिछले छह महीनों के दौरान बिरयानी श्रेणी में कदम रखा, अपनी चाइनीज फूड शृंखला हॉन्ग्स किचन का विस्तार किया और कबाब शृंखला बार्बिक नेशन में निवेश किया है। इसके अलावा वह अंतरराष्ट्री फास्ट-फूड ब्रांड पोपयेस को भी भारत एवं आसपास के देशों में लाने की तैयारी कर रही है। पिछले सप्ताह कंपनी ने इसका खुलासा करते हुए कहा कि फ्रैंचाइजी समझौते के जरिये ऐसा किया जाएगा।
जुबिलैंट फूडवक्र्स के चेयरमैन श्याम भरतिया ने कहा, ‘चिकन भारत में सबसे तेजी से उभरने वाली श्रेणियों में शामिल है। पोपयेस हमारे पोर्टफोलियो के लिए एक नया और आकर्षक होगा। हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले वर्षों में वृद्धि को उससे उल्लेखनीय रफ्तार मिलेगी।’ इसके विपरीत पश्चिम एवं दक्षिण भारत में मैकडॉनल्ड्स रेस्तरां का परिचालन करने वाली कंपनी वेस्टलाइफ डेवलपमेंट और बर्गर किंग इंडिया अपने प्रमुख कारोबार बर्गर स्टोर शृंखलाओं का विस्तार कर रही हैं। वे विभिन्न शहरों में कम किराये का फायदा उठाते हुए तेजी से संपत्ति हासिल करने पर ध्यान दे रही हैं।
वेस्टलाइफ डेवलपमेंट फिलहाल 304 आउटलेट का संचालन करती है जिसे वह वित्त वर्ष 2023 तक बढ़ाकर 500 करने की तैयारी कर रही है। दिसंबर 2020 में सूचीबद्ध होने वाली बर्गर किंग इंडिया ने कहा है कि वह दिसंबर 2026 तक 700 रेस्तरां खोलेगी जिनकी संख्या फिलहाल 268 है। भारत में 1,300 से अधिक डोमिनोज पिज्जा स्टोरों का संचालन करने वाली कंपनी जुबिलैंट फूडवक्र्स ने भी देश में डोमिनोज पिज्जा के नए स्टोर खोलने के लिए दमदार योजना बनाई है। कंपनी ने हाल में निवेशकों से बातचीत में कहा था कि वित्त वर्ष 2021 में वह 110 नए स्टोर खोलेगी। हालांकि उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी वैश्विक महामारी के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से नई श्रेणियों में विस्तार कर रही है।
एडलवाइस के कार्यकारी उपाध्यक्ष (अनुसंधान- संस्थागत इक्विटीज) अबनीश रॉय ने कहा कि विविधीकरण की पहल से जुबिलैंट फूडवक्र्स को कहीं अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी क्योंकि वे असंगठित से संगठित फूड सर्विस ऑपरेटर की ओर स्थानांतरित होंगे। नए क्षेत्रों में प्रवेश से वृद्धि को भी रफ्तार मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘पिज्जा फूड सर्विस कारोबार की महज एक श्रेणी है। उपभोक्ताओं के पास कई व्यंजन और भोजन विकल्प उपलब्ध हैं। जुबिलैंट अपनी समग्र वृद्धि को रफ्तार देने के लिए उन विकल्पों को भुना रही है।’
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू फूड सर्विस उद्योग का आकार फिलहाल करीब 4.2 लाख करोड़ रुपये है और अगले पांच वर्षों के दौरान वह 9 फीसदी की दर से वृद्धि कर सकता है। इसमें त्वरित सेवा रेस्तरां (क्यूएसआर) सबसे तेजी से वृद्धि कर रहा है और निकट भविष्य में उसकी वृद्धि रफ्तार बरकरार रहने के आसार हैं। मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि अगले पांच वर्षों के दौरान क्यूएसआर 19 फीसदी की दर से वृद्धि दर्ज करेगी जिसे किफायती, आकांक्षी और लोकप्रिय ब्रांडों से रफ्तार मिलेगी। साथ ही अन्य कारकों के अलावा उसे व्यापकता और सोर्सिंग का फायदा भी मिलेगा।