facebookmetapixel
Advertisement
एक्सचेंजों पर बंद भाव में बड़ा अंतर ट्रेडरों के लिए कमाई का मौका, आर्बिट्राज ट्रेडिंग में आई तेजीटाटा संस फिलहाल अपर लेयर एनबीएफसी में रहेगी, सीआईसी लाइसेंस पर फैसला बाकीRBI MPC Meet: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, ग्रोथ अनुमान बढ़ाया, महंगाई आउटलुक घटायाडिजिटल रुपये की बढ़ी रफ्तार, सीबीडीसी और यूएलआई का दायरा लगातार बढ़ा: आरबीआईUPI पर MDR लागू होगा या नहीं? RBI गवर्नर बोले- अभी चर्चा करना जल्दबाजीन डोविश, न हॉकिश; महंगाई को तय दायरे में लाने पर रहेगा जोर: RBI गवर्नर संजय मल्होत्राRBI Policy के बाद डेट फंड्स में कहां लगाएं पैसा? ड्यूरेशन को लेकर बंटी फंड मैनेजर की रायRBI का बड़ा प्रस्ताव: सभी लेंडर्स के लिए लोन ब्याज दर तय करने के नियम होंगे एक समानसाइबर धोखाधड़ी के खिलाफ आरबीआई की कार्रवाई तेज, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनेगी नई गाइडलाइनRBI MPC Meet: सितंबर में चरम पर हो सकती है अतिरिक्त लिक्विडिटी, FCNR(B) का असर रहेगा अस्थायी

जियो का आरोप ग्राहकों को भड़का रही एयरटेल-वोडाफोन

Advertisement
Last Updated- December 14, 2022 | 6:38 PM IST

कृषि से जुड़े तीन नए कानूनों के विरोध में चल रहा किसानों का आंदोलन अब दूरसंचार क्षेत्र की कंपनियों के बीच लड़ाई में तब्दील हो रहा है। दरअसल रिलायंस जियो ने दूरसंचार नियामक से हस्तक्षेप करने की गुहार लगाते हुए आरोप लगाया है कि प्रतिस्पद्र्धी कंपनियां – भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया किसानों के समर्थन की आड़ में अपने नेटवर्क से जोडऩे के लिए जियो के उपयोगकर्ताओं को बहला-फुसला रही हैं। सरकार के खिलाफ  कृषि कानूनों को लेकर लगातार चल रहे विरोध के बीच किसानों ने जियो के उत्पादों का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।   
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को लिखे पत्र में जियो ने कहा कि दोनों कंपनियां मौजूदा किसान आंदोलन को भुनाने के लिए ‘अनैतिक’ और ‘प्रतिस्पर्धी विरोधी’ मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी अभियान चला रही थीं। जियो ने कहा कि दोनों कंपनियां प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रिलायंस जियो के कृषि कानूनों का अनुचित लाभार्थी होने के आरोप और झूठी अफवाहों को आगे बढ़ाने में शामिल हैं।
जियो ने पत्र में कहा, ‘एयरटेल और वोडाफोन आइडिया अपने कर्मचारियों, एजेंटों और खुदरा विक्रेताओं के माध्यम से एक ‘शातिर’ और ‘विभाजनकारी’ अभियान को आगे बढ़ा रही हैं। ये कंपनियां नंबरों को पोर्ट कराने जैसे मामूली फायदे के लिए जानबूझकर रिलायंस जियो को किसानों के खिलाफ  बताकर और खुद को किसान हितैषी के रूप में पेश करके कंपनी को बदनाम कर रही हैं। साथ ही साथ जानबूझकर सरकार विरोध को हवा भी दे रही हैं।’

Advertisement
First Published - December 15, 2020 | 12:02 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement