होटल और शिक्षा एवं स्टेशनरी उत्पाद कारोबार के इतर अन्य श्रेणियों में कारोबार के काफी हद तक सामान्य होने के बावजूद आईटीसी बाजार परिदृश्य को लेकर चिंतित दिख रही है। कंपनी की वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन संजीव पुरी ने आज कहा कि स्थानीय लॉकडाउन के कारण सुधार की रफ्तार प्रभावित हो रही है और निकट भविष्य के लिए परिदृश्य अनिश्चित दिख रहा है।
शेयरधारकों को संबोधित करते हुए पुरी ने कहा कि स्थानीय लॉकडाउन के मौजूदा दौर से सुधार की रफ्तार प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य के लिए परिदृश्य में अनिश्चितता बरकरार है क्योंकि इस वैश्विक महामारी के वास्तविक प्रभाव को देखे बिना उपभोक्ताओं की प्रवृत्ति और उद्योग की गतिशीलता लगातार उभर रही है। इससे अर्थव्यवस्था को आकार मिल रहा है। आईटीसी के कुल राजस्व में करीब 40 फीसदी का योगदान करने वाले सिगरेट कारोबार को देशव्यापी लॉकडान के कारण काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था लेकिन जून में स्थिति सामान्य होने लगी थी। पुरी ने शेयरधारकों से हालांकि कहा कि वितरण पर असर पड़ा था। आईटीसी ने एक दशक पहले ही तंबाकू के खिलाफ हेजिंग शुरू कर दी थी।
शेयर के प्रदर्शन पर एक शेयरधारक के सवाल के जवाब में पुरी ने कहा कि कंपनी ने शुरुआती दिनों में अहसास हो गया था कि तंबाकू से जुड़े शेयरों में अवरोध हो सकता है और इस लिहाज से हमने बढ़त की कई रणनीति अपनाई।
पिछले तीन साल में प्रति शेयर आय 40 फीसदी बढ़ी है, ऐसे में इसका प्रदर्शन अच्छा है लेकिन इसे माना नहींं गया है। शुक्रवार को बीएसई पर आईटीसी का शेयर 2.56 फीसदी टूटकर 186.70 रुपये पर बंद हुआ। एक साल पहले बीएसई पर यह 244.35 रुपये का था। अपने भाषण में पुरी ने शेयरधारकों को आश्वस्त किया कि आईटीसी बाजार में अपनी सिस्थति मजबूत करेगी और लागत घटाने के उपाय पर ध्यान केंद्रित करेगी। राष्ट्रीय स्तर पर हुए लॉकडाउन से कंपनी के होटल, सिगरेट, शिक्षा और स्टेशनरी उत्पादों, पेपरबोर्ड व पैकेजिंग कारोबार पर असर पड़ा।
पुरी ने कहा, हालांकि गैर-सिगरेट एफएमसीजी ने राजस्व में 19 फीसदी की बढ़त दर्ज की, वहीं इसका एबिटा इस अवधि में 42 फीसदी मजबूत हुआ।