facebookmetapixel
बिना बिल के घर में कितना सोना रखना है कानूनी? शादी, विरासत और गिफ्ट में मिले गोल्ड पर टैक्स के नियम समझेंMotilal Oswal 2026 Stock Picks| Stocks to Buy in 2026| मोतीलाल ओसवाल टॉप पिक्सNew Year 2026: 1 जनवरी से लागू होंगे 10 नए नियम, आपकी जेब पर होगा असर2026 की पहली तिमाही में PPF, SSY समेत अन्य स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर कितना मिलेगा ब्याज?1 फरवरी से सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला और तंबाकू उत्पाद होंगे महंगे, GST बढ़कर 40% और एक्साइज-हेल्थ सेस लागूGST Collections: ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन दिसंबर में 6% बढ़कर ₹1.74 लाख करोड़, घरेलू रेवेन्यू पर दबाव2026 में ये 5 शेयर कराएंगे अच्छा मुनाफा! ब्रोकरेज ने दी BUY रेटिंग, 35% तक अपसाइड के टारगेटसेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स किसी रोलर-कोस्टर से कम नहीं, 2026 के लिए एक्सपर्ट्स ने बताई निवेश की स्ट्रैटेजीतरुण गर्ग बने ह्युंडै मोटर इंडिया के MD & CEO, पहली बार भारतीय को मिली कमानरुपये की कमजोरी, बाजार की गिरावट का असर; 2025 में सिमटा भारत के अरबपतियों का क्लब

ऑनलाइन गेमिंग में दमदार निवेश

Last Updated- December 11, 2022 | 11:18 PM IST

भारत के गेमिंग क्षेत्र में निवेश 2021 के पहले नौ महीनों के दौरान बढ़कर 1.6 अरब डॉलर के पार पहुंच गया। ऑल इंडिया गमिंग फेडरेशन (एआईजीएफ) के साथ मिलकर बुटीक निवेश बैंक मैपल कैपिटल एडवाइजर्स द्वारा तैयार एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह रकम पिछले पांच वर्षों के दौरान हुए निवेश के मुकाबले अधिक है।
मैपल कैपिटल एडवाइजर्स के संस्थापक एवं एमडी पंकज कर्ण ने कहा, ‘यह क्षेत्र विभिन्न चरणों में व्यापक पूंजी आकर्षित करने के लिए तैयार है और हम उम्मीद करते हैं कि यहां सीमा पार विलय एवं अधिग्रहण की गतिविधियां दिखेंगी। हमारा मानना है कि अगले 12 से 18 महीनों के दौरान निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।’
हालांकि भारत में मुद्रीकरण वैश्विक हिस्सेदारी के मुकाबले महज करीब 1 फीसदी है। लेकिन फर्म का कहना है कि उसे आगे दमदार वृद्धि दिख रही है क्योंकि लोग गेमिंग प्लेटफॉर्म पर खर्च कर रहे हैं। वैश्विक महामारी के बाद भारत में गेमिंग कारोबार मुख्यधारा में आ गया और उसके उपयोगकर्ताओं की संख्या, राजस्व, प्रति उपयोगकर्ता राजस्व आदि में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पिछले 18 महीनों के दौरान भारत के ऑनलाइन गेमिंग बाजार में जबरदस्त वृद्धि हुई है जिसे मुख्य तौर पर वैश्विक महामारी और लॉकडाउन से रफ्तार मिली।
वैश्विक रुझानों के विपरीत भारत में 3 अरब से अधिक डाउनलोड के साथ मोबाइल गेमिंग की बाजार हिस्सेदारी 90 फीसदी है। करीब 17 फीसदी वैश्विक ट्रैफिक और लगभग 1 फीसदी एआरपीयू के साथ भारत अधिक मात्रा और कम मूल्य वाला बाजार है जहां अब कुछ मूल्य वृद्धि दिख रही है। मैपल का मानना है कि चार वर्षों में 6 गुना वृद्धि दिखेगी। भारत में गेमिंग सेक्टर को मुख्य तौर पर इंटरनेट की बढ़ती पहुंच, युवा आबादी, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा, घर से काम, आक्रामक भारतीय गेमिंग उपयोगकर्ता, नए उपयोगकर्ता, शैली में विविधता आदि से रफ्तार मिल रही है।
रियल मनी गेम्स (आरएमजी) जैसे कार्ड (पोकर व रम्मी) और फैंटेसी स्पोट्र्स ने 2021 में निवेशकों को आकर्षित किया है। यही कारण है कि साल के पहले नौ महीनों के दौरान इस क्षेत्र में करीब 70 करोड़ डॉलर का निवेश किया गया। इनमें से अधिकांश निवेश फैंटेसी स्पोट्र्स और प्लेटफॉर्म गेमिंग क्षेत्र में किया गया।
भारत में कैजुअल गेमिंग में भी उल्लेखनीय डाउनलोड दर्ज किए हैं। कैंडी क्रश, लूडो, तीन पत्ती आदि कैजुअल गेम ने सभी उम्र के लोगों को आकर्षित किया है। शीर्ष 100 मोबाइल गेम के लिए मासिक औसत उपयोगकर्ता (एमएयू) और ऑनलाइन गेमिंग पर व्यतीत होने वाले समय में 2020 में लॉकडाउन के बाद 10 से 15 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई जो एक नए रुझान की ओर संकेत करती है। ऑनलाइन लेनदेन में वृद्धि और नए गेमर्स के उभरने से कैजुअल गेम्स के इन-ऐप पर्चेज में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साल 2021 की पहली छमाही के दौरान खेले गए वास्तविक रकम वाले खेलों में ड्रीम11, मोबाइल प्रीमियर लीग (एमपीएल), रमीसर्किल, ऑक्ट्रो प्लेरमी, रमीकल्चर, अड्डा52 और पोकर स्टार्स शामिल हैं।
चालू वित्त वर्ष के दौरान ई-स्पोट्र्स बाजार 4 करोड़ डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है जो वित्त वर्ष 2025 तक 14.5 करोड़ डॉलर तक पहुंच सकता है।

First Published - November 25, 2021 | 12:40 AM IST

संबंधित पोस्ट