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भारतीय आईटी कंपनियां करेंगी 3.6 लाख नियुक्ति

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:12 PM IST

अनर्थइनसाइट द्वारा कराए गए अध्ययन के अनुसार, आईटी सेवा उद्योग में वित्त वर्ष 2022 में करीब 360,000 फ्रेशरों की नियुक्तियां की जाएंगी। ‘आईटी इंडस्ट्री क्यू3 इनसाइट्स ऐंड एफवाई22 फॉरकास्ट’ रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2022 में 3,50,000-3,60,000 फ्रेशरों को नियुक्त किए जाने की संभावना है, जो कुल कर्मियों में आईटी सेवा कंपनियों द्वारा फ्रेशरों के 14-18 प्रतिशत योगदान में 30 प्रतिशत तक की वृद्घि है।
प्रतिभाओं को अपने साथ जोड़े रखने के लिए कंपनियों ने वेतन वृद्घि, शेयर विकल्प, प्रमोशन, दीर्घावधि इंसेंटिव, कौशल आधारित वेतन वृद्घि, अपस्किलिंग/रीस्किलिंग प्रशिक्षण आदि जैसे उपायों की घोषणा की है। ये एक साथ नहीं बल्कि अलग अलग तिमाहियों में अपनाए जा रहे उपाय हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि टियर-1 और टियर-2 आईटी प्रतिस्पर्धियों द्वारा 8-12 प्रतिशत की औसत वेतन वृद्घि के साथ साथ प्रतिभाओं को जोड़े रखने के लिए कर्मचारी पदोन्नति के तौर पर 15-20 प्रतिशत की वृद्घि जैसे उपाय भी अपनाए गए हैं। कंपनी अपनी एट्रीशन दर पिछली तिमाही के 19.5 प्रतिशत के मुकाबले इस तिमाही में 22.3 प्रतिशत पर बनाए रखने में सफल रही। यह वृद्घि सभी उद्योगों में नए जमाने के डिजिटल कौशल के लिए तेजी से बढ़ रही मांग की वजह से संभव हुई है।
एट्रीशन यानी कर्मचारियों को जोड़े रखने की दर कंपनियों के लिए प्रमुख चुनौती बनी हुई है। कंपनियां इस चुनौती का लगातार सामना कर रही हैं।
अनअर्थसाइट के संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी गौरव वासु के अनुसार, ‘जहां उद्योग का पारिश्रमिक बिल ऊपरी रुझान में है, वहीं एट्रीशन स्तर को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है और यह एक अन्य तिमाही तक बरकरार रहने की आशंका है। तकनीकी तौर पर, प्रमुख आईटी कंपनियां अपने क्लाउड एवं उत्पाद प्लेटफॉर्म व्यवसाय में अच्छी वृद्घि दर्ज कर रही हैं।’

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First Published - February 17, 2022 | 11:07 PM IST

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