एचसीएलटेक को एक यूरोपियन कंपनी (जिसका नाम नहीं बताया गया है) से 1.14 अरब डॉलर का अनुबंध हासिल हुआ है। यह सौदा मिलना दूसरी तिमाही की शुरुआत में कंपनी के लिए एक बड़ी कामयाबी है, खासकर ऐसे समय में जब आईटी सेवा कंपनियां ग्राहकों द्वारा सोच-समझकर खर्च करने के कारण चुनौतियों का सामना कर रही हैं। यह 2026 में अब तक की प्रमुख चार आईटी सेवा कंपनियों द्वारा हासिल किए गए सबसे बड़े सौदों में से एक है।
भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी एक यूरोपीय ग्राहक (जो फॉर्च्यून ग्लोबल 50 सूची में शुमार कंपनियों में से एक है) की मदद करेगी। यह मदद उनके वैश्विक डिजिटल वर्कप्लेस और उद्यम नेटवर्क को बदलने तथा प्रबंधित करने के लिए एआई-आधारित परिचालन मॉडल बनाने में होगी।
एचसीएलटेक ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यह सौदा दिसंबर 2031 तक पांच साल के लिए है और इसे आगे पांच साल और बढ़ाने का विकल्प भी है। इसका मतलब है कि कंपनी को इस पार्टी से सीधे तौर पर सालाना लगभग 23 करोड़ डॉलर का राजस्व मिलेगा।
बीएसई पर एचसीएलटेक का शेयर 5.79 फीसदी बढ़कर 1,139 रुपये पर बंद हुआ।
सेवा उद्योग में अब ऐसे बड़े सौदे कम देखने को मिलते हैं, क्योंकि ग्राहक पुरानी टेक्नॉलजी पर कम और एआई का फायदा उठाने के लिए अपने सिस्टम को अपग्रेड करने पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं। हाल में, एचसीएलटेक ने कई बड़े सौदों की घोषणा की है।
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजों के बाद एचसीएलटेक के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक सी विजयकुमार ने एनालिस्ट कॉल में कहा, ‘आप पहली तिमाही में आम तौर पर होने वाले उतार-चढ़ाव की उम्मीद कर सकते हैं। चौथी तिमाही में आई चुनौतियों के बावजूद बड़े सौदों को आगे बढ़ाने का काम सही रास्ते पर है।’