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गूगल, ऐपल ने भी हटा दिए चीनी ऐप

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Last Updated- December 15, 2022 | 5:31 AM IST

राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देकर भारत सरकार द्वारा 59 चीनी ऐप को प्रतिबंधित किए जाने के कुछ दिन बाद इनमें से अधिकांश ऐप गूगल प्ले स्टोर तथा ऐपल के ऐप स्टोर से हटा दिए गए हैं। इन ऐप में बाइटडांस का टिकटॉक, अलीबाबा का यूसी ब्राउजर और टेनसेंट का वीचैट शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआत में कुछ ऐप ने स्वेच्छा से सरकार के आदेशानुसार स्वयं को हटा लिया था और अब गूगल तथा ऐपल ने दूसरे प्रतिबंधित ऐप तक भी पहुंच पर रोक लगा दी है।
गूगल के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा, ‘हम भारत सरकार के अंतरिम आदेशों की समीक्षा कर रहे हैं लेकिन हमने भारत में प्ले स्टोर पर उपलब्ध प्रतिबंधित ऐप के डेवलपरों को सूचित कर दिया है और उन ऐप तक पहुंच को अस्थायी रूप से अवरुद्ध कर दिया है।’  जानकारों के मुताबिक सिंगापुर और हॉन्ग कॉन्ग स्थित कुछ कंपनियों के ऐप को भी उनकी मूल कंपनी चीन से होने या चीनी हित शामिल होने के चलते प्रतिबंधित 59 ऐप की सूची में शामिल कर लिया गया था। डोल्से वीटा ट्रस्ट में ट्रॉन्जेक्शन एडवाइजरी पार्टनर सुनीत कोछड़ बताते हैं, उदाहरण के लिए प्रतिबंधित किया गया लाइव स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म बीगो लाइव सिंगापुर की एक कंपनी बीगो टेक्नोलॉजी के स्वामित्व और नियंत्रण में है, जिसे अंतत: चीनी संस्थाओं द्वारा नियंत्रित किया जाता है। कोछड़ ने कहा, ‘अब चीनी संस्थाएं भारत सरकार की किसी भी संभावित जांच से बचने के लिए भारत सरकार के अनुकूल क्षेत्राधिकार वाले देशों में कंपनियां शुरू करके ऐप लॉन्च करने का सहारा ले रही हैं।’ साल 2025 तक भारत में 85 करोड़ स्मार्टफोन उपयोगकर्ता होने का अनुमान है जो किसी भी ऐप डेवलपर के लिए लुभावना आंकड़ा हैं। इसके लिए कंपनियां जल्द से जल्द भारतीय बाजार में प्रवेश करने की योजना पर काम कर रही हैं।
विदेश नीति थिंक-टैंक गेटवे हाउस के अनुसार पिछले पांच वर्षों में चीन ने गुपचुप तरीके से भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अपने लिए एक अहम स्थान बना लिया है। चीन ने भारतीय स्टार्टअप में निवेश के माध्यम से भारतीय बाजार में प्रवेश किया और अपने लोकप्रिय स्मार्टफोन तथा उनके ऐप के साथ ऑनलाइन पारिस्थितिकी तंत्र में प्रवेश किया।

‘अमेरिका भी लगाए प्रतिबंध’
भारतीय-अमेरिकी पूंजीपति और टीईई सिलिकन वैली के पूर्व अध्यक्ष वेंकटेश शुक्ला का कहना है कि वैश्विक आईटी हब सिलिकन वैली में किसी को भी भारत द्वारा टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने का कोई खेद नहीं है बल्कि वहां लोग चाहते हैं कि अमेरिका भी चीन की इस लोकप्रिय ऐप के खिलाफ ऐसा ही कदम उठाए। भारत ने टिकटॉक सहित चीन की 59 ऐप पर सोमवार को प्रतिबंध लगा दिया था। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण सीमा पर जारी गतिरोध के बीच यह कदम उठाया गया। शुक्ला ने कहा कि टिकटॉक बेहद जल्दी लोकप्रिय होकर दर्शकों की संख्या, जनसांख्यिकीय जुड़ाव और विज्ञापनों के संदर्भ में ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्रभावी सोशल मीडिया मंचों की सूची में शामिल हो गया। टीआईई उद्यमी नेटवर्किंग का एक गैर-लाभकारी संगठन है।  भाषा

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First Published - July 3, 2020 | 12:14 AM IST

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