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विदेशी अधिग्रहण पर इन्फोटेक का ब्रेक

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Last Updated- December 11, 2022 | 3:20 AM IST

इंजीनियरिंग और भौगोलिक सूचना मुहैया कराने वाले उपकरण बनाने वाली इन्फोटेक इंटरप्राइजेज लिमिटेड ने विदेशों में अधिग्रहण की अपनी योजना को फिलहाल रोक दिया है।
कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक बी. वी. आर. मोहन रेड्डी के मुताबिक, ”विक्रेता और खरीदार के बीच अभी इस मुद्दे पर सहमति बन गई है।” उल्लेखनीय है कि विदेशों में अधिग्रहण की खातिर इन्फोटेक ने मई 2007 में अपनी 15 फीसदी हिस्सेदारी गिरवी रखकर करीब 375 करोड़ रुपये जुटाए थे।
रेड्डी ने अक्टूबर 2008 में बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया था कि उनकी कंपनी ने दिसंबर अंत तक जर्मनी की एक ऑटो इंजीनियरिंग कंपनी का अधिग्रहण करने की सारी तैयारी कर ली है। कंपनी परिणाम जारी करते हुए रेड्डी ने सोमवार को हैदराबाद में बताया, ”हमारे पास बड़ी कंपनियों को अधिग्रहीत करने की क्षमता है। हालांकि पिछले 6 महीने में अपनी रणनीति बदलनी पड़ी क्योंकि कंपनी की हालत प्रभावित हुई है।” 
गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2009 में इन्फोटेक ने कैलिफोर्निया की सेमीकंडक्टर डिजाइन कंपनी टाइम टू मार्केट का अधिग्रहण किया और पुणे की टेली-एटलस कल्याणी इंडिया लिमिटेड में 10 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की।
कंपनी ने तब इस तरह के और सौदे का अनुमान जताया था। रेड्डी ने बताया कि इस समय हम पर काफी दबाव है। अनुकूल समय आने पर ही अधिग्रहण के बारे में कोई फैसला लिया जाएगा।

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First Published - April 28, 2009 | 8:37 AM IST

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