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इंडोनेशिया ने रद्द कर दिया 70,000 वाहनों का ऑर्डर? टाटा मोटर्स सीवी का आया बयान, अटकलों पर लगाया विराम

27 फरवरी को ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि इंडोनेशिया ने टाटा मोटर्स और महिंद्रा से 1,05,000 ट्रकों का ऑर्डर रोक दिया है।

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जतिन भूटानी   
Last Updated- March 03, 2026 | 9:54 AM IST

Tata Motors CV Order: टाटा मोटर्स सीवी (Tata Motors CV) ने इंडोनेशिया से मिले वाहनों के ऑर्डर के संबंध में स्पष्टीकरण जारी कर दिया है। कंपनी ने कहा है कि इंडोनेशिया से मिले 70,000 वाहनों का आर्डर रद्द होने की खबरों से कंपनी की आर्थिक स्थिति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने सोमवार को बीएसई फाईलिंग में यह जानकारी दी।

टाटा मोटर्स सीवी ने फाईलिंग में कहा, ”हमने इंडोनेशिया की इकाई से पुष्टि की है कि वहां की मीडिया में जो खबरें चल रही हैं, वे आयात और स्थानीय निर्माण से जुड़ी सरकारी नीति पर चर्चा हैं। इनका ऑर्डर की मांग या सप्लाई पर किसी तरह का खतरे से संबंध नहीं है।”

कंपनी ने कहा कि उसे जो ऑर्डर और एडवांस राशि मिली है, वह तय योजना के अनुसार है। वह जल्द ही आपूर्ति शुरू करेगी और अपने वादे के अनुसार चरणबद्ध तरीके से सभी वाहनों की डिलीवरी पूरी करेगी।

Tata Motors CV Order: 70,000 वाहनों का मिला है आर्डर

कंपनी ने 10 फरवरी को बताया था कि उसकी मालिकाना हक वाली वाली सहायक कंपनी पीटी टाटा मोटर्स डिस्ट्रिब्यूसी इंडोनेशिया ने इंडोनेशिया में 70,000 वाहनों की आपूर्ति का समझौता किया है। यह ऑर्डर 35,000–35,000 गाड़ियों के दो मॉडल के लिए है। योधा पिकअप और अल्ट्रा टी.7 ट्रक। इन वाहनों की आपूर्ति इंडोनेशिया की सरकारी कंपनी पीटी एग्रीनास पंगन नुसंतारा को की जानी है, जो कृषि आपूर्ति प्रणाली को आधुनिक बनाने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने का काम करती है।

हालांकि, कंपनी ने इस ऑर्डर की कुल राशि का खुलासा नहीं किया है। न तो 10 फरवरी की फाईलिंग में इसकी जानकारी दी गई थी और न ही 2 मार्च की नई जानकारी में बताया गया। इस बीच, टाटा मोटर्स सीवी के शेयर सोमवार को बीएसई पर 1.44 प्रतिशत गिरकर 498 रुपये पर बंद हुए।

ऑर्डर रद्द होने की खबरों के बीच स्पष्टीकरण

बता दें कि 27 फरवरी को ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि इंडोनेशिया ने टाटा मोटर्स और महिंद्रा से 1,05,000 ट्रकों का ऑर्डर रोक दिया है। इसके पीछे नीति निर्माताओं की ओर से आपत्ति का हवाला दिया गया था।

रिपोर्ट में इंडोनेशिया के सहकारिता मंत्री फेरी जूलियानटोनो का भी बयान शामिल था, जिसमें उन्होंने कहा कि विवाद से बचने के लिए ऑर्डर को रोकना सही कदम है और समय आने पर मिलकर समाधान निकाला जाएगा।

First Published : March 3, 2026 | 9:46 AM IST