सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज को खरीदने की इच्छुक कंपनियों के नाम छांटने के लिए शुक्रवार को हुई कंपनी के बोर्ड की बैठक बेनतीजा रही और बोर्ड ने किसी कंपनी का नाम घोषित नहीं किया।
लेकिन अचानक होड़ में शामिल हुई कंपनी आईगेट ने बोली से किनारा कर लिया। आईगेट ने अभिरुचि पत्र दाखिल कर सबको जिस तरह से हैरान किया था, नाम वापस लेकर भी उतना ही भौंचक्का उसने सबको कर दिया।
हालांकि कंपनी ने इसकी वजह नहीं बताई, लेकिन कहा जा रहा है कि सत्यम का अधिक मूल्यांकन और उसकी वित्तीय स्थिति का खुलासा नहीं किए जाने की वजह से कंपनी ने पांव खींच लिए। फिलहाल बोर्ड ने दूसरे दौर के लिए किसी कंपनी का नाम घोषित नहीं किया है लेकिन सूत्रों के मुताबिक एलऐंडटी, स्पाइस और टेक महिन्द्रा समेत कुछ और कंपनियां दूसरे दौर की प्रक्रिया में शामिल हो गई हैं।
दूसरे दौर की प्रक्रिया में शामिल कंपनियों के नाम छांटने के लिए सत्यम का बोर्ड शनिवार को फिर से बैठक करेगा। इस बैठक में सत्यम के लिए नियुक्त निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स और एवेंडस भी शामिल होंगे।
इस मामले में एलऐंडटी के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमने सत्यम के बोर्ड के सामने अभिरुचि पत्र पेश कर दिया है और फिलहाल हम ‘वेट ऐंड वाच’ की नीति पर ही काम कर रहे हैं। ‘ टेक महिन्द्रा के प्रवक्ता ने भी इस बात की पुष्टि की कि उनकी कंपनी ने इस मामले में तय प्रक्रिया के तहत काम किया है। आईबीएम, एचपी और केकेआर प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टर्स के नामों की भी चर्चा है।
बोली के दौर
आई गेट ने दूसरे दौर से पहले ही कर लिया किनारा
दूसरे दौर की प्रक्रिया के लिए बोर्ड ने तय नहीं किए नाम
शनिवार को निवेश बैंकरों के साथ फिर से होगी बैठक
एलऐंडटी, स्पाइस और टेक महिन्द्रा होड़ में शामिल
आईबीएम, एचपी और केकेआर प्राइवेट इक्विटी के नामों की चर्चा
कम से कम 1,500 करोड़ रुपये होने चाहिए खरीदार के पास
31 फीसदी हिस्सेदारी बेची जाएगी तरजीही शेयरों के जरिये
20 फीसदी हिस्सेदारी खरीदनी होगी खुले बाजार से
नये खरीदार के लिए तीन साल का होगा लॉक इन पीरियड