facebookmetapixel
Advertisement
छात्रों के विरोध के आगे झुकी सरकार! कैसे PM मोदी के 12 साल के कार्यकाल में इस्तीफा देने वाले दूसरे केंद्रीय मंत्री बने प्रधानपश्चिम एशिया संकट व तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अगले हफ्ते कैसा रहेगा शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट का हाल?नीट पेपर लीक, परीक्षा रद्द, आंदोलन और अब शिक्षा मंत्री का इस्तीफा…..3 मई से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ?शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, खुद अपने पोस्ट में लेटर जारी करके दी जानकारीफ्लैट खरीदने के बाद पुराने मेंटेनेंस बकाया का आ गया बिल? जानिए क्या कहता है कानून और क्या करें नए खरीदार360% का मोटा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सक्या ईरान पर सबसे बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप बोले: हम ‘लॉक्ड एंड लोडेड’, पर बातचीत भी जारी‘उदारीकण के बाद अहसास हुआ कि हमें इनोवेशन करना होगा, न कि दिल्ली में इंतजार’, नारायण मूर्ति ने बयां की 1991 से पहले की दुश्वारियां1991 से अब तक का सफर: अविश्वास से निकलकर भरोसे पर आधारित आर्थिक नीति बनाने की जरूरत‘बंगाल को मिली तबाही और निराशा की विरासत’, बोले स्वप्न दासगुप्ता: निवेश लाने के लिए करेंगे अतिरिक्त प्रयास

Adani Group को झटका देने वाली Hindenburg होगी बंद, फाउंडर ने बताई डीटेल

Advertisement

Hindenburg Research: 40 साल के एंडरसन ने जनवरी 2023 में गौतम अदाणी के अदाणी ग्रुप पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक रिपोर्ट जारी की थी।

Last Updated- January 16, 2025 | 7:24 AM IST
Hindenberg research
Hindenburg Research

अदाणी ग्रुप (Adani Group) को हिला देने वाली अमेरिका की शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) अब बंद होने जा रही है। कंपनी के फाउंडर नाथन एंडरसन ने बुधवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने फर्म को बंद करने का फैसला किया है, जिससे फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन के एक ऐतिहासिक दौर का अंत हो गया है।

नाथन एंडरसन ने एक भावुक पोस्ट के जरिए अपनी जर्नी, संघर्ष और सफलता की कहानी शेयर की। उन्होंने लिखा कि हिंडनबर्ग ने हमेशा सच सामने लाने की कोशिश की और इस सफर में कई मुश्किलों का सामना भी किया। हालांकि, अब समय आ गया है कि कंपनी को अलविदा कहा जाए।

हिंडनबर्ग रिसर्च ने कई बड़े मामलों का खुलासा किया था और दुनियाभर में अपनी अलग पहचान बनाई थी।

यह भी पढ़ें: Hindenburg vs Adani: अदाणी समूह ने स्विस बैंकों में फ्रीज फंड्स के आरोपों पर दी सफाई, हिंडनबर्ग के दावे को किया खारिज

हिंडनबर्ग रिसर्च ने किया काम खत्म: एंडरसन

हिंडनबर्ग रिसर्च के संस्थापक नाथन एंडरसन ने घोषणा की है कि कंपनी अपने काम को पूरा कर चुकी है। उन्होंने एक नोट में लिखा, “योजना यह थी कि जिन विचारों पर हम काम कर रहे थे, उन्हें पूरा करने के बाद इसे बंद कर दिया जाए। वह दिन आज है।”
2017 में शुरू हुई हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपनी खास पहचान बनाई। यह फर्म इंडस्ट्री में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और गलत प्रबंधन को उजागर करने के लिए जानी जाती है। एंडरसन ने फर्म की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए कहा, “हमने ऐसे साम्राज्यों को हिलाया, जिन्हें हिलाने की जरूरत थी।”

हिंडनबर्ग ने कई बड़े नामों और समूहों को निशाने पर लिया, जिसमें अदाणी ग्रुप का नाम भी शामिल है। एंडरसन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, दोस्तों और 11 लोगों की समर्पित टीम को दिया। उन्होंने कहा कि इसी टीम ने हिंडनबर्ग को फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन का एक बड़ा नाम बनाने में मदद की।

उन्होंने कहा, “मेरी मेहनत और फोकस ने मुझे दुनिया और अपने करीबी लोगों से दूर कर दिया। अब मैं हिंडनबर्ग को अपनी जिंदगी का एक अध्याय मानता हूं, न कि ऐसी चीज जो मुझे परिभाषित करे।”

अदाणी ग्रुप पर लगाए थे गंभीर आरोप

40 साल के एंडरसन ने जनवरी 2023 में गौतम अदाणी के अदाणी ग्रुप पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक रिपोर्ट जारी की थी। उन्होंने अदाणी ग्रुप पर “कॉरपोरेट इतिहास की सबसे बड़ी धोखाधड़ी” करने का आरोप लगाया था। उस समय गौतम अदाणी दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति थे, यह जानकारी ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के आंकड़ों में दी गई थी।

हिंडनबर्ग रिसर्च ने हाल ही में डोर्सी की ब्लॉक इंक और Icahn की Icahn Enterprises पर रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट्स भी हिंडनबर्ग के पुराने स्टाइल में वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों पर आधारित थीं।

इन रिपोर्ट्स के बाद, डोर्सी, Icahn और उनके व्यवसायों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। तीनों ने हिंडनबर्ग के आरोपों को बेबुनियाद और गलत करार दिया।

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर क्या बोले थे गौतम अदाणी

गौतम अदाणी ने हिंडनबर्ग रिसर्च की विवादास्पद रिपोर्ट को लेकर कहा था कि इसका मकसद सिर्फ उनके “एपल-से-एयरपोर्ट” वाले कारोबार को अस्थिर करना नहीं था, बल्कि भारत की शासन व्यवस्था को भी राजनीतिक रूप से बदनाम करना था।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उसी साल अदाणी समूह के तीन बड़े हिस्सेदारों की कुल संपत्ति में लगभग 99 अरब डॉलर की गिरावट आई। इतना ही नहीं, अदाणी समूह की लिस्टेड कंपनियों का बाज़ार मूल्य भी करीब 173 अरब डॉलर तक घट गया।

इस महीने, एंडरसन ने एर्नी गार्सिया III की कंपनी Carvana Co. को लेकर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने और उनके पिता, एर्नी गार्सिया II, पर “इतिहास के सबसे बड़े अकाउंटिंग घोटालों में से एक” करने का आरोप लगाया। इस ऑटो रिटेलर ने हिन्डेनबर्ग के आरोपों को “जानबूझकर गुमराह करने और गलत” करार दिया।

हालांकि, कंपनी के शेयरों पर इसका खास असर नहीं पड़ा। शेयरों ने जल्द ही रिकवरी की और इस महीने 5% से ज्यादा बढ़ गए हैं।
नाथन एंडरसन का फ्यूचर प्लान

नाथन एंडरसन ने घोषणा की है कि वह बुधवार तक अपनी फर्म हिन्डनबर्ग रिसर्च को बंद कर देंगे। उनका कहना है कि उन्होंने फर्म के सभी बाकी बचे विचारों पर काम पूरा कर लिया है और पोंजी स्कीम्स पर मिली जानकारी को संबंधित नियामकों को सौंप दिया है।

आने वाले छह महीनों में एंडरसन अपनी फर्म के जांच मॉडल को लेकर वीडियो और अन्य सामग्री तैयार करेंगे। इस पहल का उद्देश्य यह है कि दूसरे लोग भी
समझ सकें कि हिन्डनबर्ग कैसे अपनी जांच करती थी।

उन्होंने कहा, “फिलहाल, मेरा ध्यान इस बात पर होगा कि हमारी टीम के हर सदस्य को उनकी पसंद की अगली भूमिका मिले।”

Advertisement
First Published - January 16, 2025 | 7:24 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement