facebookmetapixel
Advertisement
India IIP Growth: अप्रैल में 4.9% बढ़ी भारत के औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार, मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा उछाललाडकी बहिन योजना से 80 लाख महिलाएं हुई बाहर, विपक्ष बोला- KYC सिर्फ बहाना, ‘वित्तीय संकट’ से जुझ रही सरकार भारत की डेयरी क्रांति के अनसुने नायक: नानासाहेब चितलेRule Changes from June 1: UPI, PF, ATM, टैक्स, पैन कार्ड के नियम बदले; आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर!बैंकों ने MSMEs के लिए खोला कर्ज का पिटारा, पश्चिम एशिया संकट के बीच ECLGS के तहत ₹35,000 करोड़ मंजूरIndia US Trade Deal: बोले पीयूष गोयल- अमेरिकी टैक्स बदलावों को ध्यान में रखकर ही होगी डीलITR Filing 2026: सिर्फ Form-16 के भरोसे न रहें, रिटर्न भरने से पहले जरूर चेक करें AIS और TISHDFC AMC के लाखों निवेशकों का डेटा दांव पर? बंबई हाईकोर्ट ने हैकर ग्रुप ‘मॉर्फियस’ के खिलाफ दिया बड़ा आदेशFD Interest Rates: क्या लौटेगा हाई FD Rates का दौर? समझिये कब और क्यों बढ़ सकती हैं दरेंAI से बढ़ा खतरा, अब AI ही करेगा बचाव! सरकार की नई रणनीति तैयार

Hindenburg vs Adani: अदाणी के जवाब पर हिंडनबर्ग का पलटवार, कहा – राष्ट्रवाद के नाम पर नहीं छुपा सकते धोखाधड़ी

Advertisement
Last Updated- January 30, 2023 | 7:38 PM IST
Gautam Adani, Hindenburg saga- गौतम अदाणी की हिंडरबर्ग गाथा

हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी समूह (Adani Group) के इन आरोपों को खारिज कर दिया है कि समूह के खिलाफ उसकी रिपोर्ट भारत पर हमला थी। अमेरिकी शॉर्ट सेलिंग इकाई ने सोमवार को कहा कि धोखाधड़ी को ‘राष्ट्रवाद’ या ‘कुछ बढ़ा-चढ़ाकर प्रतिक्रिया’ से ढंका नहीं जा सकता।

ये भी पढ़ें:  Adani ने 413 पन्नों का जवाब किया जारी, Hindenburg के आरोपों को भारत पर बताया हमला

हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी समूह पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे, जिसके बाद समूह की कंपनियों के शेयरों में पिछले कुछ दिन में भारी गिरावट आई है। अदाणी समूह ने हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों के जवाब में रविवार को 413 पृष्ठ का ‘स्पष्टीकरण’ जारी किया है।

अदाणी समूह की प्रतिक्रिया पर हिंडनबर्ग रिसर्च ने सोमवार को कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र और उभरती महाशक्ति है। अदाणी समूह ‘व्यवस्थित लूट’ से भारत के भविष्य को रोक रहा है।

हिंडनबर्ग रिसर्च अपनी रिपोर्ट पर कायम है। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि दो साल की जांच में पता चला है कि अदाणी समूह दशकों से शेयरों में गड़बड़ी और लेखे-जोखे की हेराफेरी में शामिल रहा है।

हिंडनबर्ग रिसर्च ने कहा कि एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अदाणी के समूह ने अपनी प्रतिक्रिया की शुरुआत इस दावे के साथ की कि हम ‘मैडॉफ ऑफ मैनहटन’ हैं। बर्नाड लॉरेंस मैडॉफ को पोंजी घोटाले में 2008 में गिरफ्तार कर 150 साल की सजा सुनाई गई थी। अदाणी ने यह भी दावा किया कि हमने लागू प्रतिभूति और विदेशी विनिमय नियमों का उल्लंघन किया है।

अदाणी समूह ने रविवार शाम को इन आरोपों के जवाब में कहा था कि यह हिंडनबर्ग द्वारा भारत पर सोच-समझकर किया गया हमला है। समूह ने कहा था कि ये आरोप और कुछ नहीं सिर्फ ‘झूठ’ हैं।

अदाणी समूह ने कहा था कि यह रिपोर्ट एक कृत्रिम बाजार बनाने की कोशिश है जिससे शेयरों के दाम नीचे लाकर अमेरिका की कंपनियों को वित्तीय लाभ पहुंचाया जा सके। समूह ने यह भी कहा था कि यह रिपोर्ट गलत तथ्यों पर आधारित निहित मंशा से जारी की गई है। समूह ने कहा था, ‘‘यह केवल किसी विशिष्ट कंपनी पर एक अवांछित हमला नहीं है, बल्कि भारत, भारतीय संस्थाओं की स्वतंत्रता, अखंडता और गुणवत्ता, तथा भारत की विकास गाथा और महत्वाकांक्षाओं पर एक सुनियोजित हमला है।’’

हिंडनबर्ग रिसर्च ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि धोखाधड़ी, धोखाधड़ी ही होती है चाहे इसे दुनिया के सबसे अमीर आदमी ने अंजाम क्यों न दिया हो।

हिंडनबर्ग ने कहा कि हमने अदाणी समूह से 88 विशेष सवाल किए थे जिनमें से समूह 62 का सही तरीके से जवाब देने में विफल रहा। शॉर्ट सेलिंग में विशेषज्ञता रखने वाली न्यूयॉर्क की एक छोटी सी कंपनी की रिपोर्ट के बाद सिर्फ दो कारोबारी सत्रों में अदाणी समूह की कंपनियों का बाजार मूल्यांकन 50 अरब डॉलर से अधिक घट गया है। अदाणी को खुद 20 अरब डॉलर का घाटा हुआ है। इस रिपोर्ट के बाद अदाणी की संपदा में करीब 20 प्रतिशत की कमी आई है।

ये भी पढ़ें: Adani Group को FPO के सफल होने का भरोसा

Advertisement
First Published - January 30, 2023 | 10:13 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement