रियल एस्टेट डेवलपर गोदरेज प्रॉपर्टीज ने सोमवार को कहा कि उसने शेयरों के पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) के जरिए 3,750 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी ने कहा कि देश में किसी रियल एस्टेट कंपनी का यह अब तक का सबसे बड़ा क्यूआईपी है।
यह क्यूआईपी 9 मार्च को पेश हुआ था और 15 मार्च को बंद हुआ। कंपनी ने इसके जरिए 1,450 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से रकम जुटाई। कंपनी ने कहा कि उसने विभिन्न तरह के निवेशक देखे और करीब 90 फीसदी आवंटन लंबी अवधि के निवेशकों को हुआ।
सिंगापुर की जीआईसी ने 11 करोड़ डॉलर निवेश किया, वहीं क्यूआईपी की सबसे बड़ी निवेशक एक नई निवेशक रही, जिसका नाम इन्वेस्को डेवलपिंग मार्केट्स फंड और इन्वेस्को एडवाइजर्स इंक की तरफ से प्रबंधित कुछ अन्य फंड है, जो 15 करोड़ डॉलर निवेश कर रही है।
कंपनी की योजना इस रकम का इस्तेमाल जमीन खरीदने और अपना कारोबार बढ़ाने में करने की है। गोदरेज प्रॉपर्टीज के कार्यकारी चेयरमैन पिरोजशॉ गोदरेज ने कहा, बढ़त की हमारी आकांक्षा को सहारा देने में यह पूंजी अहम भूमिका निभाएगा और आने वाले समय में तेजी से आगे बढऩे के लिए काफी मौके उपलब्ध कराएगा।
हालिया साक्षात्कार में गोदरेज ने कहा था, बाजार में काफी मौके हैं और हमें नहीं पता कि ये कब तक रहेंगे। उन्होंने कहा, पिछले चार-पांच महीने में संगठित डेवलपरों ने सकारात्मक बिक्री देखी है। हमने बाजार में बदलाव की शुरुआत देखी है। लेकिन ज्यादातर डेवलपर नकदी की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में बाजार में आकर्षक मूल्यांकन पर काफी अच्छी जमीन उपलब्ध है।
तीसरी तिमाही में गोदरेज प्रॉपर्टीज ने जमीन के दो टुकड़ों का अधिग्रहण किया, जिसमें 40 लाख वर्गफुट की क्षमता है। उन्होंने कहा, अगर बाजार की स्थिति ठीक होती है तो जमीन की कीमत में वह प्रतिबिंबित होगी। तीसरी तिमाही में जमीन की कीमतें बहुत ज्यादा नहीं घटी हैं, लेकिन मौजूदा स्तर पर खरीद का मतलब बनता है।
जमीन खरीदने के लिए साल 2019 में शेयरों के पात्र संस्थागत नियोजन से गोदरेज ने 2,100 करोड़ रुपये और गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्र के जरिए 1,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। गोदरेज ने कहा कि कंपनी ने पिछले ढाई वर्ष में 5 करोड़ वर्गफुट का पोर्टफोलियो तैयार किया है।