एस्सार ऑयल ने वाडीनार रिफानरी के विस्तार की दूसरी चरण की योजना पर अमल को आठ महीनों के लिए टाल दिया है।
कंपनी ने दो चरण में होने वाले इस विस्तार पर करीब छह अरब डॉलर निवेश करने की योजना बनाई थी। लेकिन अब कंपनी का कहना है कि वह अगले चरण पर काम छह-आठ महीनों के बाद शुरू करेगी, जबकि पहले चरण का काम अगले साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा।
चेन्नई में एस्सार ग्रुप के अध्यक्ष शशि रुइया ने बताया कि, ‘दूसरे चरण की विस्तार योजना के तहत उत्पादन क्षमता को 1.6 करोड़ टन से बढ़ाकर 3.4 करोड़ टन करने की योजना बनाई गई है। लेकिन इस पर काम अगले छह-आठ महीनों तक रोक दिया गया है।’
उनके मुताबिक कंपनी ने इस विस्तार योजना के लिए 3.4 अरब डॉलर की रकम जुटा ली है, जबकि बाकी के पैसे कंपनी ने बाजार से उठाने की योजना बनाई थी। लेकिन रुइया का कहना है कि, ‘या तो बाजार इस वक्त पैसे देने के लिए तैयार नहीं है या फिर इस वक्त पैसे उठाना नहीं चाहते हैं।’
कंपनी की यह रिफाइनरी रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर स्थित रिफाइनरियों के नजदीक ही स्थित है। इसकी मौजूदा उत्पादन क्षमता 1.25 करोड़ टन की है, जो दिसंबर, 2010 में पहले चरण की विस्तार योजना के पूरा हो जाने के बाद बढ़कर 1.6 करोड़ टन हो जाएगा। चर्चाओं के मुताबिक पहले चरण की विस्तार योजना पर 7,810 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद थी।
दूसरे चरण की विस्तार योजना के तहत उत्पादन क्षमता को 1.6 करोड़ टन से बढ़ाकर 3.4 करोड़ टन किए जाने की योजना बनाई गई है। इस चरण पर काम पहले चरण के काम के पूरा होने के बाद शुरू किया जाने वाला था। हालांकि, इसमें अभी 6 से लेकर 8 महीने की देर हो सकती है।
कंपनी को उम्मीद है कि जब वाडीनार रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता बढ़कर 3.4 करोड़ टन हो जाएगी, तो तेल की वैश्विक मांग में भी इजाफा आना शुरू होने लगेगा। इस विस्तार के बाद यह रिफाइनरी दुनिया में मौजूद लगभग सारे कच्चे तेल की रिफाइनिंग कर सकेगी। यह कंपनी इस वक्त अपने उत्पादन का 78 फीसदी हिस्सा घरेलू बाजार में बेचती है।
म्यांमार में कंपनी की उत्खनन योजना के बारे में रुइया ने बताया कि वहां इसके लिए दो तेल ब्लॉकों में अन्वेषण कार्यक्रम तेजी से चल रहा है। उनका कहना है, ‘हमें उम्मीद है कि इस महीने के आखिर तक हमें कुछ अच्छी खबरें मिल सकती हैं।’