कोविड-19 वैश्विक महामारी ने रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएं (एफएमसीजी) बनाने वाली कंपनियों को कम बिक्री वाले उत्पादों को फिलहाल छोडऩे के लिए मजबूर किया है। बाजार अनुसंधान फर्म नीलसन आईक्यू अपनी एक एक हालिया रिपोर्ट में यह खुलासा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक महामारी के मद्देनजर उपभोक्ता अपने बजट को व्यवस्थित करने पर ध्यान दे रहे हैं और ऐसे में एफएमसीजी कंपनियां अपने कमजोर प्रदर्शन वाले उत्पादों पर फिलहाल ध्यान नहीं दे रही हैं।
इस अध्ययन में अन्य देशों के साथ घरेलू एफएमसीजी बाजार का विश्लेषण किया गया है। इसमें कहा गया है कि भारत में महीने के दौरान करीब 1,059 ब्रांड लॉन्च किए गए और इसमें से महज 10 फीसदी ब्रांड ही बाजार में दिखते हैं। इसलिए खुदरा विक्रेता उच्च प्रदर्शन वाले उत्पादों और पैक को ही अपनी दुकान में रखने को प्राथमिकता दे रहे हैं। नीलसन ने कहा है कि विभिन्न श्रेणियों में करीब 75 से 77 फीसदी स्टॉक-कीपिंग यूनिट (एसकेयू) का बिक्री में योगदान महज दो फीसदी से भी कम है। यही रुझान शीतल पेय, बिस्कुट, चॉकलेट से लेकर सैनिटरी नैपकिन, शैंपू और टॉयलेट सोप तक विभिन्न श्रेणियों में दिख रहा है।
नीलसन आईक्यू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एनालिटिक्स लीडर (एशिया प्रशांत, पूर्वी यूरोप, पश्चिम एशिया एवं अफ्रीका) डिडेम सेकेरेल एरडोगन ने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों के दौरान ब्रांडों में काफी विविधता देखी गई है क्योंकि विनिर्माता नए उतपादों को लॉन्च करने में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। इसके लिए खोज और वर्गीकरण हमेशा से एक चुनौती रही है। लेकिन वैश्विक महामारी ने इस परीक्षा को एक नए स्तर तक बढ़ा दिया है।’ पिछले एक साल के दौरान इष्टतम वर्गीकरण की आवश्यकता में तेजी से बदलाव हुआ है क्योंकि वैश्विक महामारी के मद्देनजर मांग संबंधी रुझान में बदलाव आया है।
बजाज कंज्यूमर केयर के निदेशक सुमित मल्होत्रा ने कहा, ‘पिछले एक साल के दौरान स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सेवा जैसे आवश्यक उत्पादों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है। इसलिए कंपनियां इन श्रेणियों पर अधिक ध्यान दे रही हैं और उन उत्पादों को प्राथमिकता दे रही हैं जिनकी बाजार में मांग अधिक है। जहां तक फूड कंपनियों का सवाल है तो लोकप्रिय ब्रांड पर उपभोक्ताओं के ध्यान को बनाए रखना उनकी रणनीति है।’
पारले प्रोडक्ट्स, ब्रिटानिया और नेस्ले ने क्रमश: पारले-जी बिस्कुट, गुड डे कुकीज और मैगी नूडल्स जैसे अधिक मांग वाले अपने लोक्रप्रिय उत्पादों पर अधिक ध्यान देने का निर्णय लिया है।