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विशेष योजनाओं से डिस्कॉम को 75,000 करोड़ रुपये मिले

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Last Updated- December 12, 2022 | 6:21 AM IST

केंद्र सरकार द्वारा पिछले साल घोषित विशेष नकदी योजना के तयह राज्य सरकारों की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को 75,000 करोड़ रुपये मिले हैं।
इस योजना के तहत सरकार की कर्जदाता बिजली वित्त निगम (पीएफसी) और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) ने डिस्कॉम को विशेष एकमुश्त ऋण दिया है, जिससे वितरण कंपनियां बिजली उत्पादकों के बकाये का भुगतान कर सकें।
जारी किया गया कुल कर्ज बढ़कर 1.3 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को छू गया है और अब यह योजना बंद कर दी गई है। पिछले 2 महीने में पीएफसी और आरईसी ने कुल मिलाकर 29,500 करोड़ रुपये (पीएफसी ने 14,900 करोड़ रुपये और आरईसी ने 14,600 करोड़ रुपये) दिए
हैं। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने एक नोट में कहा है कि पिछले 2 महीने में कुल 29,500 करोड़ रुपये अतिरिक्त धन आरईसी और पीएफसी के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत दिया गया है। इस तरह से वित्त वर्ष 21 में इस योजना के तहत डिस्कॉम को कुल 75,560 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
इसके अलावा जारी किया गया कुल कर्ज अब 1.35 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। यह पिछले साल की समान अवधि में उदय के तहत दिए गए धन की तुलना में 10,500 करोड़ रुपये ज्यादा है।
इस योजना के बड़े लाभार्थियों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। अतिरिक्त धन मुख्य रूप से यूपी, तेलंगाना, तमिलनाडु और बिहार को मिला है। इसकी वजह से सीपीएसयू जेनको, ट्रांसको और कोल इंडिया के बकाये का भुगतान हो सका है।  

राजमार्ग निर्माण प्रतिदिन 37 किमी पर पहुंचा: गडकरी
केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि देश में राजमार्ग निर्माण की गति ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में 37 किमी प्रति दिन का रिकॉर्ड स्तर को छू लिया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी द्वारा उत्पन्न बाधाओं के बावजूद यह उपलब्धि हासिल करना उल्लेखनीय है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2020-21 में 13,394 किलोमीटर राजमार्गों का निर्माण किया है। गडकरी ने कहा, ‘देश भर में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में काफी प्रगति हुई है। हमने एक दिन में 37 किलोमीटर लंबे राजमार्ग निर्माण की गति हासिल की है।’  
गडकरी ने कहा कि ये उपलब्धियां अभूतपूर्व हैं और दुनिया के किसी भी अन्य देश में इसकी कोई समानता नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में, राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 91,287 किलोमीटर (अप्रैल 2014 के अनुसार) से 50 प्रतिशत बढ़कर 1,37,625 किमी (20 मार्च, 2021 को) हुई है।     भाषा

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First Published - April 2, 2021 | 11:33 PM IST

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