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आईआईएल से कोवैक्सीन की दवा सामग्री जून तक मिलेगी

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Last Updated- December 12, 2022 | 4:33 AM IST

अपनी कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सीन के लिए उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 1 अरब खुराक सालाना कर रही भारत बायोटेक को अपनी भागीदार इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स (आईआईएल) द्वारा निर्मित दवा सामग्री जून के मध्य तक मिलने की संभावना है।
भारत बायोटेक निर्णायक तौर पर वैक्सीन उत्पादन के लिए दवा सामग्री को फिल-ऐंड-फिनिश करेगी। दवा सामग्री निर्माण के लिए हाई बायो-सेफ्टी लेवल (बीएसएल) परिवेश की जरूरत होती है। यह वैक्सीन उत्पादन में ज्यादा समय आधारित प्रक्रिया है और वैक्सीन उद्योग के दिग्गजों का कहना है कि इसमें समय और सटीकता दोनों की जरूरत होती है।
उद्योग के जानकारों ने इसकी पुष्टि की है कि आईआईएल द्वारा प्रति महीने 1-1.5 करोड़ खुराक उत्पादन के लिए दवा सामग्री तैयार किए जाने की संभावना है। अप्रैल में भारत बायोटेक ने कहा था कि उसने दवा सामग्री तैयार करने के लिए हैदराबाद की आईआईएल के साथ भागीदारी की है और इस संबंध में तकनीकी स्थानांतरण प्रक्रिया चल रही है। तब कंपनी ने कहा था, ‘तकनीकी स्थानांतरण प्रक्रिया तेजी से चल रही है और आईआईएल वाणिज्यिक स्तर पर इनेक्टिवेटेड वायरल वैक्सीन निर्माण के लिए क्षमताओं और दक्षताओं से संपन्न है।’
दवा सामग्री वैक्सीन फॉर्मूलेशन बनाने के लिए जरूरी कच्चा माल है और इसमें वायरल एंटीजन शामिल होता है। भारत बायोटेक के टीके के मामले में, यह इनेक्टिवेटेड सार्स-कोव-2 वायरस है, जिसे बीएसएल-3 लैब में तैयार किया गया।
इस बीच, भारत बायोटेक अपने संयंत्रों में कोवैक्सीन बनाने के लिए क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है। कंपनी ने गुरुवार को कहा कि वह गुजरात के अंकलेश्वर स्थित अपनी रैबीज वैक्सीन निर्माण इकाई में कोवैक्सीन की 20 करोड़ खुराक हर साल बनाएगी। भारत बायोटेक द्वारा वर्ष 2019 में ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन (जीएसके) एशिया से चिरॉन बेहरिंग वैक्सीन निर्माण इकाई का अधिग्रहण किया गया था। यह क्षमता 2021 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उपलब्ध होने की संभावना है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल में कहा है कि उसे अगस्त से दिसंबर के बीच कोविशील्ड की 75 करोड़ खुराक और समान अवधि के दौरान कोवैक्सीन की करीब 55 करोड़ खुराक उपलब्ध होने का अनुमान है।
अपनी स्वयं की इकाइयों के अलावा, कोवैक्सीन उत्पादन में तेजी लाने के लिए संभावित भागीदारियों पर भी बातचीत चल रही है। केंद्र सरकार यह पहले ही कह चुकी है कि मुंबई स्थित हाफकाइन बायोफार्मास्युटिकल कॉरपोरेशन, आईआईएल और भारत इम्यूनोलॉजिकल्स ऐंड बायोलॉजिकल्स (बीआईबीसीओएल) भी भारत बायोटेक की भागीदार होंगी।

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First Published - May 21, 2021 | 11:08 PM IST

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