भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने कोविड-19 के दो टीके, कोवैक्सीन और कोविशील्ड के लिए बाजार में सशर्त बिक्री की मंजूरी दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि वयस्क आबादी के इस्तेमाल के लिए कुछ शर्तों के साथ कोविशील्ड और कोवैक्सीन की बाजार में बिक्री के लिए मंजूरी दी गई है। दोनों कंपनियों को विदेश में चल रहे अपने टीके के क्लीनिकल परीक्षण का डेटा हर छह महीने पर या उससे पहले अगर उपलब्ध हो तो विश्लेषण के साथ देना होगा।
बाजार की मंजूरी के बावजूद देश में किए गए सभी टीकाकरण का रिकॉर्ड कोविन मंच पर दर्ज किया जाना चाहिए और टीकाकरण के बाद किसी प्रतिकूल प्रतिक्रिया की स्थिति में उसकी निगरानी की जानी चाहिए। आपातकालीन इस्तेमाल के दिशानिर्देशों के तहत ऐसे मामलों के सुरक्षा आंकड़े कंपनियों द्वारा नियामक को छमाही आधार पर नियामक को दिए जाने चाहिए जैसा कि फिलहाल हर 15 दिनों में होता है।
भारत में करीब 95 फीसदी वयस्क आबादी को टीके की एक खुराक दी गई है जबकि 74 फीसदी आबादी को टीके की दोनों खुराक दे दी गई है। वयस्क आबादी के महज 3 फीसदी लोगों को ही टीके की दोनों खुराक मिली थी जब महामारी की दूसरी लहर चरम पर थी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक रोजाना 414,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए और 3,679 लोगों की मौत हुई। स्वास्थ्य एवं अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के साथ-साथ 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को बूस्टर खुराक दिए जाने की प्रक्रिया जारी है साथ ही 15-17 साल उम्र वर्ग के लोगों का टीकाकरण भी जारी है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की विषय विशेषज्ञ समिति ने 19 जनवरी आपातकालीन स्थिति में सीमित इस्तेाल के लिए टीके की स्थिति को अद्यतन करने की सिफारिश की थी ताकि वयस्क आबादी को सशर्त इस्तेमाल के लिए नई दवाओं की इजाजत मिले। सरकार ने दोनों टीके की कीमतों का कोई ब्योरा नहीं दिया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘देश में कोविड-19 के दो टीके की सशर्त बाजार बिक्री की डीसीजीआई द्वारा दी गई मंजूरी से त्वरित प्रतिक्रिया के संकेत मिलते हैं और देश की निर्णायक प्रणाली ने महामारी के वक्त बढ़ती जरूरतों के अनुरूप कदम उठाया है।’
दुनिया भर में अमेरिका के फूड ऐंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए), ब्रिटेन के मेडिसिंस ऐंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) ने क्रमश: फाइजर और एस्ट्राजेनेका को सशर्त बाजार बिक्री की अनुमति दी है। महामारी के इस दौर में सशर्त बाजार बिक्री की मंजूरी एक नई श्रेणी के रूप में उभर रही है। इस तरह की मंजूरी की वजह से कुछ दवाओंं तक जरूरतों के मुताबिक पहुंच बनाने में मदद मिलती है।
फिलहाल 90 प्रतिशत सक्रिय मामलों में लोग घर में ही इलाज कर रहे हैं।