प्रमुख एफएमसीजी कंपनी कोलगेट पामोलिव इंडिया ने बाजार में हर्बल उत्पादों पर जोर को देखते हुए ताजगी, सफेदी, चिकित्सकीय और पारिवारिक टूथपेस्ट पर कहीं अधिक जोर देने लगी है। डाबर और पतंजलि जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियां बाजार में प्राकृतिक उत्पादों की श्रेणी में तेजी से अपनी पैठ बढ़ा रही हैं। ऐसे में कोलगेट पामोलिव इंडिया ने भी अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है।
उद्योग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि कभी देश में 10,000 करोड़ रुपये के टूथपेस्ट बाजार में आयुर्वेदिक और हर्बल उत्पादों की हिस्सेदारी महज 5 फीसदी थी जो अब बढ़कर 25 से 30 फीसदी हो गई है। उद्योग विश्लेषकों ने बताया कि प्राकृतिक उत्पाद श्रेणी में वृद्धि की दर मात्रात्मक लिहाज से 8 से 9 फीसदी के दायरे में है। जबकि मूल्य के लिहाज से इस श्रेणी की वृद्धि दर 10 से 12 फीसदी है।
प्राकृतिक श्रेणी में कोलगेट के पास वेदशक्ति ब्रांड है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस उत्पाद ने कंपनी की बाजार हिस्सेदारी में नुकसान को कम करने में मदद नहीं की। उद्योग से प्राप्त नीलसन के आंकड़ों के अनुसार, कोलगेट की मात्रात्मक एवं मूल्य के लिहाज से बाजार हिस्सेदारी क्रमश: 49.9 फीसदी और 46.9 फीसदी है। ये आंकड़े कैलेंडर वर्ष 2020 के हैं। कैलेंडर वर्ष 2021 की पहली छमाही के आंकड़े तत्काल उपलब्ध नहीं हो सके। वर्ष 2019 में कोलगेट की मात्रात्मक एवं मूल्य के लिहाज से बाजार हिस्सेदारी क्रमश: 51 फीसदी और 48.3 फीसदी थी। दूसरी ओर साल 2020 में डाबर की मात्रात्मक एवं मूल्य के लिहाज से बाजार हिस्सेदारी क्रमश: 16.4 फीसदी और 13.9 फीसदी है। साल 2019 में उसकी मात्रात्मक एवं मूल्य के लिहाज से बाजार हिस्सेदारी क्रमश: 15.5 फीसदी और 13.3 फीसदी रही थी। इससे स्पष्ट है कि डाबर की बाजार हिस्सेदारी बढ़ रही है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के विश्लेषक जयकुमार दोषी और सुश्रुत मिश्रा के अनुसार, कोलगेट ग्रामीण क्षेत्रों में पारिवारिक टूथपेस्ट श्रेणी पर ध्यान केंद्रित कर रही है जबकि महानगरों में वह ताजगी, सफेदी और चिकित्सकीय टूथपेस्ट प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है।
विश्लेषकों ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि दो बार ब्रश करने का एजेंडा कोविड-19 के बाद रफ्तार पकड़ेगा। ई-कॉमर्स और संगठित खुदरा में बाजार हिस्सेदारी में दमदार बढ़त से कोलगेट को शहरी क्षेत्रों में मदद मिलेगी।’
इस बाबत जानकारी के लिए कोलगेट को भेजे गए ईमेल का खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं आया। हालांकि पिछले महीने निवेशकों से बातचीत में कंपनी के प्रबंध निदेशक राम राघवन ने कहा था कि कंपनी यह सुनिश्चित कर रही है कि मूल्य के लिहाज से जीवन के लिए बेहतरीन तकनीक लाया जाए।