क्रिस वुड ने बढ़ाया इक्विटी में निवेश

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 14, 2022 | 8:33 PM IST

कंपनियों की आय में ठीक-ठाक सुधार के अभाव में मार्च 2020 के निचले स्तर से तेज उछाल ने जेफरीज के वैश्विक प्रमुख (इक्विटी रणनीतिकार) क्रिस्टोफर वुड को भारतीय इक्विटी बाजार के महंगे मूल्यांकन ने सतर्क रखा है। हालांकि अपने एशिया प्रशांत (जापान को छोड़कर) रिलेटिव रिटर्न पोर्टफोलियो में उन्होंने भारतीय इक्विटी में अपना निवेश एक फीसदी बढ़ाया है। वुड ने अक्टूबर 2020 में भारतीय इक्विटी में अपना आवंटन बढ़ाया।
वुड ने निवेशकों को भेजे साप्ताहिक नोट ग्रीड ऐंड फियर में लिखा है, भारतीय शेयर बाजार सस्ते नहीं हैं और बाजार 12 महीने आगे की आय के 21.6 गुने पर कारोबार कर रहा है। लेकिन सकारात्मक चीज यह है कि इस गुणक में आने वाले समय में गिरावट की प्रवृत्ति रह सकती है। जेफरीज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2022 में आय की रफ्तार 20 फीसदी और जीडीपी की वास्तविक बढ़त 13.2 फीसदी रहेगी।
मार्च 2020 के निचले स्तर से भारतीय इक्विटी बाजार एकतरफा रहा है और लार्ज, मिड व स्मॉलकैप में विदेशी निवेशकों के निवेश की पृष्ठभूमि में बढ़ोतरी हो रही है। एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को 45,000 अंकों की रिकॉर्ड ऊंचाई को छू गया और इस अवधि में यह 76 फीसदी चढ़ा है।
इक्विटी के अलावा वुड ने ग्रीड ऐंड फियर के वैश्विक सॉवरिन बॉन्ड पोर्टफोलियो में भारत का भारांक बढ़ाया है और इसके लिए उन्होंने काफी कम प्रतिफल वाले सिंगापुर के 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड का भारांक हटा दिया है। अप्रैल 2020 से सरकार ने 5, 10 और 30 साल में परिपक्व होने वाला विशेष बॉन्ड जारी किया है, जहां विदेशी भागीदारी की कोई सीमा नहीं है। वुड का मानना है कि ये प्रतिभूतियां विदेशी संस्थागत निवेशकों को निवेश के लिए समर्पित मार्ग मुहैया करा रही है जहां प्रवेश व निकासी को लेकर पूंजी का नियंत्रण नहीं है।
वुड ने कहा है, भारतीय अर्थव्यवस्था व रुपये के लिए 2021 में अहम जोखिम तेल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी है क्योंंकि दुनिया साल 2019 की मांग के स्तर पर लौट रही है। वुड ने कहा कि भारत में साइक्लिकल रिकवरी भी हो रही है।
बैंकों की तरफ से मोरेटोरियम के विस्तार के कारण बढ़ते एनपीएल के बावजूद वुड भारतीय निजी बैंकों पर लंबी अवधि के नजरिये से तेजी का रुख बनाए हुए हैं। वित्तीय क्षेत्र में वुड का निवेश अब आईसीआईसीआई बैंक व एचडीएफसी मेंं है और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस भारतीय बीमा क्षेत्र में उनके पसंदीदा दांव हैं।

First Published : December 4, 2020 | 11:53 PM IST