अपनी पेशकश के दायरे में विस्तार करते हुए देश में विकसित शॉर्ट वीडियो ऐप चिंगारी ने सोशल वीडियो वाणिज्यिक प्लेटफॉर्म में प्रवेश किया है और उसकी नजर इस सेवा से अगले दो वर्षों में सालाना 10 करोड़ डॉलर के राजस्व पर है। कंपनी ने इस सुविधा के लिए एमेजॉन इंडिया के साथ करार किया है और अगली तिमाही तक फ्लिपकार्ट और मिंत्रा के साथ आ जाएगी। यह अगली तिमाही तक गठजोड़ करने के लिए सीधे उपभोक्ताओं को सेवा देने वाले कई ब्रांडों के साथ भी बातचीत कर रही है।
चिंगारी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी सुमित घोष ने कहा कि कंपनी इस ‘शोपेबल वीडियो’ फीचर पर पिछले तीन महीने से काम कर रही थी। इसे संभव बनाने के लिए चार लोगों की एक तकनीकी टीम हर रोज 10 घंटे से अधिक इस काम में जुटी हुई थी।
पिछले साल जब चीन की टिकटॉक ऐप प्रतिबंधित की गई थी, तब चिंगारी को भारत में उसके विकल्प के रूप में पेश किया गया था। हाल ही में चिंगारी के डाउनलोड का आंकड़ा पांच करोड़ से ज्यादा का हो चुका है और दावा किया जाता है कि मासिक रूप से इसके दो करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ता हैं।
चिंगारी के प्लेटफॉर्म पर अपलोड की जाने वाली हर वीडियो का फ्रेम दर फ्रेम विश्लेषण किया जाएगा और लक्ष्य का पता लगाने तथा पैटर्न मैचिंग एल्गोरिदम की सुविधा भी होगी जिससे हर फ्रेम के भीतर सभी लक्ष्यों का पता लगेगा। इन फ्रेमों के भीतर आने वाले प्रत्येक लक्ष्य का ईकॉमर्स वेबसाइट पर एक लाइव कैटलॉग के साथ मिलान किया जाएगा।
घोष ने ट्विटर पर कहा है कि टिकटॉक पर प्रतिबंध के बाद जब हमने पिछले साल लोकप्रियता हासिल की, तब हमें केवल क्लोन/कॉपीकैट ही कहा जा रहा था और किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि हम कुछ नया निर्माण कर सकते हैं। हमें इस फीचर की शुरुआत करने और वैश्विक स्तर पर एआई/एमएल के जरिये शॉर्ट वीडियो ऐप को शॉपेबल बनाने वाले सर्वप्रथम बनने पर गर्व है।
इस सुविधा को सक्षम करने के लिए डिस्प्ले पेज के शीर्ष पर एक शॉप बटन होगा, जो फिलहाल एंड्रॉयड फोन के उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है। इसका आईओएस संस्करण अगले दो से तीन सप्ताह में शुरू हो जाएगा।