मांग में कमी की वजह से वाहन कलपुर्जे बनाने वाली कंपनियां एसकेएफ इंडिया और ट्रिनिटी इंजीनियरिंग ने मांग में कमी को देखते हुए अपने पुणे संयंत्रों को क्रमश: 10 दिन और 6 दिन बंद करने की घोषणा कर दी है।
पिछले दो महीनों से मांग में जबरदस्त गिरावट बनी हुई है। एसकेएफ इंडिया 22 दिसंबर से अपने पुणे संयंत्र में 10 दिन उत्पादन कार्य को बंद रखेगी ओर ट्रिनिटी इंजीनियरिंग ने 10 दिसंबर से अपना संयंत्र बंद कर दिया है।
एसकेएफ इंडिया के छिंदवाड़ा संयंत्र में 1,000 से अधिक स्थायी कर्मचारी हैं, जिन्हें इस दौरान कार्य नहीं मिलेगा। कंपनी पिछले दो महीनों में उत्पादन में कमी को देखते हुए 300 कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है।
70 से भी अधिक देशों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी एसकेएफ इंडिया छिंदवाड़ा संयंत्र में बेयरिंग्स और अन्य कल-पुर्जों का उत्पादन करती है।
कंपनी ने हाल में अपने ऑटो कल-पुर्जा विभाग को कुछ दिनों ने लिए बंद किया था। तब कंपनी ने छंटनी से बचने के लिए अपने 300 कर्मियों को दूसरे विभागों में खपा दिया था।
कंपनी के उच्च अधिकारी ने इस बात को स्वीकारते हुए कहा है कि मांग में लगातार जारी गिरावट को देखते हुए कंपनी दिसंबर 22 से दिसंबर 31 तक अपने परिचालन कार्य बंद रखेगी। कंपनी से इस बारे में संपर्क नहीं हुआ।
फॉर्जिंग कारोबार और टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो ओ फोर्स मोटर्स को पुर्जों की आपूर्ति करने वाली ट्रिनिटी इंजीनियरिंग ने दिसंबर के दौरान दूसरी बार अपने संयंत्र को बंद रखने की घोषणा की है।
कंपनी के अधिकारी का कहना है कि पहले कंपनी ने 3 दिसंबर से 5 दिसंबर तक अपना उत्पादन कार्य बंद रख था और अब 10 दिसंबर से कंपनी ने दोबारा बंद की घोषणा कर दी है।
दो प्रमुख कंपनियों को कल-पुर्जों की आपूर्ति करने वाली छोटी इकाइयों में लगभग 650 कर्मी काम करते हैं। सूत्रों का कहना है कि इन इकाइयों में भी हो सकता है कि कुछ समय के लिए उत्पादन बंद कर दिया जाए।