देश की सबसे पुरानी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी बीपीएल मोबाइल कम्युनिकेशंस ने अपना नाम बदल कर अब ‘लूप मोबाइल’ कर लिया है।
दरअसल, नाम में परिवर्तन करने की वजह टीपीजी नांबियार की कंपनी बीपीएल ग्रुप से ब्रांड के इस्तेमाल का समझौता खत्म होना है।
गौरतलब है कि मोबाइल कंपनी पहले ही मालिकाना हक को लेकर एस्सार ग्रुप के रूइया और ब्रिटिश कंपनी वोडाफोन के साथ विवादों से जूझ रही है। ऐसे में नाम परिवर्तन को लेकर कोई विवाद नहीं चाह रही है।
बीपीएल मोबाइल के सीईओ संजीव चाचोंडिया का कहना है कि लूप नाम कंपनी के चल रहे विज्ञापन अभियान ‘गेट इन द लूप’ से लिया गया है। उनका कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को कंपनी की पहचान करने में दिक्कत नहीं होगी।
उनके मुताबिक, कंपनी का नया नाम युवाओं को आकर्षित करेगा। कंपनी का नया लोगो युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। संजीव का कहना है कि कंपनी का ब्रांड नाम में बदलाव से किसी प्रकार का कोई विवाद पैदा नहीं होता है, क्योंकि न तो इसके मालिकाना हक में बदलाव हुआ है और न ही शेयरधारकों में किसी तरह की तब्दीली की गई है।
उल्लेखनीय है कि बेंगलुरु स्थित बीपीएल ग्रुप के साथ हुए समझौते के तहत कंपनी को सालाना ब्रांड नाम के इस्तेमाल के लिए करार करना पड़ता था। लेकिन इस साल मार्च के अंत में यह करार खत्म हो रहा था। इस समझौते के तहत कंपनी की ओर से बीपीएल ग्रुप को तय राशि दिया गया था, जिसका खुलासा नहीं किया गया।