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बायोकॉन के निवेशक निराश, बायोलॉजिक्स एमडी बाहर

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Last Updated- December 12, 2022 | 9:21 AM IST

प्रमुख बायोफार्मास्युटिकल कंपनी बायोकॉन लिमिटेड के तीसरी तिमाही के कमजोर वित्तीय नतीजे और कंपनी की इकाई बायोकॉन बायोलॉजिक्स के प्रबंध निदेशक क्रिस्टिन हैमर के चेयरपर्सन के साथ पेशेवर मतभेद के मद्देनजर अचानक इस्तीफे पर शेयर बाजार ने आज नकारात्मक प्रतिक्रिया दी। बायोकॉन लिमिटेड का शेयर आज 10.89 फीसदी अथवा 48.15 रुपये प्रति शेयर गिरावट के साथ 393.80 रुपये पर बंद हुआ। गुरुवार को यह शेयर 441.95 रुपये पर बंद हुआ था।
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में बायोकॉन लिमिटेड का समेकित शुद्ध लाभ पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 19 फीसदी घटकर 186.6 करोड़ रुपये रह गया। तिमाही के दौरान कंपनी के जेनेरिक कारोबार में गिरावट और परिचालन एवं नियामकीय समस्याओं से मुनाफे को झटका लगा। तिमाही के दौरान कंपनी का समेकित राजस्व 7.20 फीसदी बढ़कर 1,878.9 करोड़ रुपये हो गया जो पिछले साल की समान तिमाही में 1,752.6 करोड़ रुपये रहा था।
बायोकॉन की चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ ने कहा कि तिमाही के दौरान अनुसंधान सेवाओं में 13 फीसदी की वृद्धि और बायोसिमिलर श्रेणी में 11 फीसदी की वृद्धि से समेकित राजस्व को सहारा मिला। इसके अलावा तिमाही के दौरान एबिटा मार्जिन 31 फीसदी रहा। हालांकि तिमाही के दौरान कंपनी के जेनेरिक कारोबार 3 फीसदी घटकर 561 करोड़ रुपये रहा जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह आंकड़ा 576 करोड़ रुपये रहा था।
विश्लेषकों का मानना ​​है कि बाजार ने वित्त वर्ष 2021-22 तक बायोसिमिलर कारोबार के लिए 1 अरब डॉलर के अनुमान पर कंपनी को खरा न उतरने हैमर के इस्तीफे पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। बायोकॉन बायोलॉजिक्स में हैमर की जगह बोर्ड सदस्य अरुण चंदावरकर कमान संभालेंगे। बतौर प्रबंध निदेशक चंदावरकर का कार्यकाल 21 जनवरी 2021 से शुरू होकर अगले दो साल तक होगा। शॉ 21 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2022 तक बायोकॉन बायोलॉजिक्स की कार्यकारी चेयरपर्सन होंगी।

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First Published - January 22, 2021 | 11:43 PM IST

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