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भारती ने ग्राउंड स्टेशन की अनुमति मांगी

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Last Updated- December 15, 2022 | 3:10 AM IST

भारती एंटरप्राइजेज ऐसे ग्राउंड स्टेशनों के निर्माण की अनुमति मांगी है जो ब्रिटिश सैटेलाइट टेक्नोलॉजी कंपनी वनवेब के लिए भारत में उपग्रहों से सिग्नल प्राप्त करेंगे।
इस कंपनी को ब्रिटेन सरकार के साथ साथ सुनील भारती मित्तल की इकाई भारती ग्लोबल लिमिटेड द्वारा खरीदा गया था। गुरुवार को ‘अनलॉकिंग इंडियाज पोटेंशियल इन स्पेस सेक्टर’ विषय पर आयोजित वेबिनार में बोलते हुए भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा कि वनवेब के पास दुनिया का पहला लो अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) तारामंडल होगा, जो दुनियाभर में 1200 किलोमीटर के दायरे में करीब 648 सैटेलाइट की उड़ानों से जुड़ा होगा।
मित्तल ने कहा, ‘हम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से सहभागिता के लिए बेहद उत्साहित हैं जिससे हमें भारत के लिए सिगनल प्राप्त करने के अधिकार मिले हैं, हम दो या तीन ग्राउंड स्टेशन उत्तर, दक्षिण और देश के पश्चिमी हिस्सों में स्थापित कर रहे हैं और ये सेवाएं 2022 के शुरू में आरंभ हो जाने का अनुमान है।’
उन्होंने भारतीय जरूरतों को पूरा करने के लिए यूजर टर्मिनल विकसित करने के लिए इसरो की सहायता मांगी है। भारत को किफायती ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की जरूरत है। अंडमान, राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों, मध्य प्रदेश में वनों जैसे इलाकों में फाइबर और स्थलीय रेडियो की पहुंच लगभग असंभव हो गई है। उन्होंने कहा, ‘इन लोगों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से वंचित क्यों रहना चाहिए।’
मित्तल ने कहा, ‘हमने भारत में ऐसे इलाकों की पहचान की है जहां एलईओ तारामंडल सेवाएं उपलब्ध होंगी।’
उन्होंने कहा, ‘भूस्थैतिक उपग्रहों और भारतीय क्षेत्र के लिए एलईओ के समावेश का इस्तेमाल देशों की क्षमता संबंधित जरूरतों के लिए किया जाएगा।’
ब्रिटेन जुलाई में भारती एंटरप्राइजेज के साथ मिलकर वनवेब के अधिग्रहण के लिए सफल बोलीदाता के रूप में आगे आया था। इस सौदे के तहत ब्रिटेन सरकार और भारती ग्लोबल 50-50 करोड़ डॉलर का निवेश करेंगी।

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First Published - August 20, 2020 | 11:39 PM IST

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