वैश्विक वित्तीय मंदी की गाज उड़ीसा के ढेंकनाल जिले के बौलापुर में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की पॉलिस्टर इकाई पर भी गिरी है।
आरआईएल अधिकारियों ने आर्थिक मंदी की भेंट चढ़ी इस फैक्टरी को बंद करने के लिए राज्य श्रम विभाग से अनुमति मांगी है। कंपनी अधिकारियों ने इस पॉलिस्टर संयंत्र में कामकाज जून से ही बंद कर दिया है।
इसकी पुष्टि करते हुए आरआईएल के महाप्रबंधक ए आर भट्ट ने कहा, ‘आर्थिक मंदी की वजह से मांग में आई भारी गिरावट के कारण इस पॉलिस्टर संयंत्र के उत्पाद वाणिज्यिक रूप से ज्यादा फायदेमंद नहीं रह गए हैं। प्रबंधन के पास घाटे में चल रहे इस संयंत्र को बंद करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं रह गया है।’
दूसरी तरफ इस पॉलिस्टर संयंत्र के कर्मचारियों ने इस फैक्टरी को बंद किए जाने के आरआईएल के कदम के खिलाफ विरोध जताया है। ढेंकनाल जिले के श्रम अधिकारी के मुताबिक इस संयंत्र में183 मजदूर नियमित और अन्य 43 मजदूर ठेके पर काम करते थे।
भट्ट ने कहा कि पॉलिस्टर उत्पादों के लिए मुंबई जैसे स्थानों से कच्चे माल की खरीद पर अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी अधिक खर्च आ रहा था जिससे उत्पादन लागत भी अधिक बनी हुई थी।
उन्होंने कहा कि बौलापुर में आरआईएल का पॉलिस्टर संयंत्र पूर्वी भारत में एकमात्र ऐसा संयंत्र था जो वर्ष 2000 से लगातार काम कर रहा था।
227 एकड़ से अधिक के भूखंड पर फैले इस संयंत्र में रोजाना 50 से 55 टन पॉलिस्टर स्टेपल फाइबर का उत्पादन किया जाता था। इसके लिए मुंबई से विभिन्न तरह के कच्चे माल की खरीद की जाती थी।
यह पॉलिस्टर इकाई शुरू के तीन वर्षों में मुनाफे की स्थिति में थी, लेकिन बाद में इसे घाटा होने लगा और आर्थिक मंदी की वजह से पॉलिस्टर उत्पादों की मांग में कमी के बाद घाटा और बढ़ गया।