निर्यात प्रोत्साहन से बजाज ऑटो, टीवीएस मोटर को रफ्तार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 10:12 AM IST

वाहन उद्योग के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना से बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर जैसी प्रमुख दोपहिया वाहन निर्यातकों को फायदा होने की उम्मीद है। इस योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों के लिए कुल 2 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में वाहन क्षेत्र के लिए 57,000 करोड़ रुपये का पैकेज निर्धारित किया गया है। इस प्रकार वाहन क्षेत्र को कुल प्रोत्साहन पैकेज में से 29 फीसदी यानी सबसे अधिक हिस्सा मिल सकता है। हालांकि सरकार ने फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र के लिए इस योजना के विवरण की घोषणा की है, लेकिन जल्द ही वाहन क्षेत्र के लिए एक पैकेज तैयार किए जाने की उम्मीद है। इस योजना के लिए ऐसे वाहन विनिर्माता पात्र होंगे जिनका कुल राजस्व 10,000 करोड़ रुपये से अधिक और निर्यात राजस्व 1,000 करोड़ रुपये से अधिक हो। प्रोत्साहन 2 से 12 फीसदी के दायरे में होगा जो बिक्री एवं निर्यात राजस्व पर निर्भर करेगा। 
 
बजाज ऑटो का निर्यात राजस्व 12,000 करोड़ रुपये है जबकि टीवीएस मोटर का निर्यात राजस्व 5,000 करोड़ रुपये है। इस प्रकार ये दोनों कंपनियां सबसे बड़ी निर्यात हैं जिनके कुल राजस्व में निर्यात राजस्व की हिस्सेदारी 28 से 40 फीसदी है। जबकि अन्य कंपनियों में भारत फोर्ज और बालकृष्ण इंडस्ट्रीज (बीआईएल) शामिल हैं जिनका निर्यात राजस्व 2,600 करोड़ रुपये से 3,800 करोड़ रुपये के दायरे में है। बीआईएल को निर्यात से 80 फीसदी से अधिक राजस्व प्राप्त होता है जो वाहन क्षेत्र में सबसे अधिक है।
 
नोमुरा रिसर्च के विश्लेषकों का कहना है कि इन कंपनियों के कुल लाभ में एमईआईएस इंडिया स्कीम अथवा एमईआईएस से मर्केंडाइज निर्यात के तहत निर्यात प्रोत्साहन जुड़ सकता है। पहले इसे वापस ले लिया गया था लेकिन अब इसे रेमिशन ऑफ ड््यूटीज और टैक्स ऑन एक्सपोर्ट प्रोडक्ट (आरओटीडीईपी) योजना के तहत दोबारा शुरू किया गया है।  निर्यात लाभ के अलावा दोपहिया वाहन निर्यातक अपने घरेलू प्रतिस्पर्धियों को भी पछाड़ सकते हैं क्योंकि कच्चे तेल कीमतों में तेजी दिख रही है और अफ्रीका, दक्षिण पूर्व एशिया एवं लैटिन अमेरिका जैसे प्रमुख निर्यात बाजारों में कोविड-19 के अपेक्षाकृत कम प्रभाव से मांग में तेजी बरकरार रहने की उम्मीद है।
 
घरेलू बाजार में मांग पर दबाव बरकरार रहने के आसार हैं। प्रभुदास लीलाधर के विश्लेषकों का मानना है कि कम छूट और फाइनैंस में सख्ती के कारण खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर 20 से 22 फीसदी की गिरावट दिख सकती है।  हालांकि बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प के शेयर वित्त वर्ष 2022 के आय अनुमान के मुकाबले 18 गुना मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे हैं। टीवीएस मोटर अपने बड़े प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले 50 फीसदी प्रीमियम पर लगातार कारोबार कर रही है। 

First Published : December 30, 2020 | 11:55 PM IST