अप्लायंसेज विनिर्माताओं के लिए अप्रैल का महीना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है क्योंकि कोविड-19 की रोकथाम के लिए लगाई गई पाबंदियों से कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अप्लायंसेज विनिर्माताओं के लिए अप्रैल एक महत्त्वपूर्ण महीना होता है और इस दौरान गर्मी के मौसम की विशेष बिक्री की शुरुआत होती है। जून तिमाही की कुल बिक्री में इस महीने का योगदान करीब 15 फीसदी होता है। इसी महीने महाराष्ट्र में गुडी पड़वा, कर्नाटक में उगाडी और पंजाब में वैशाखी जैसे त्योहार मनाए जाते हैं जिससे बिक्री को रफ्तार मिलती है।
इस साल रमजान की शुरुआत भी बुधवार से हो रही है। दूसरी ओर, अगले सप्ताह रामनवमी मनाई जाएगी। रमजान के दौरान मुसलमान लोग शाम को अपना उपवास तोड़ते हैं और उस दौरान खरीदारी एवं खानपान में समय का उपयोग करते हैं। इस प्रकार त्योहार लोगों के लिए बाहर निकलने और खरीदारी करने का एक अवसर होता है लेकिन कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए लगाई गई पाबंदियों के कारण इस साल अप्रैल में त्योहारों का धूम नहीं दिखेगा।
ड्यूरेबल्स कंपनियों ने कहा कि कोविड संबंधी पाबंदियों के कारण उनकी त्योहारी बिक्री को झटका लगा है। गोदरेज अप्लायंसेज के कारोबार प्रमुख एवं कार्यकारी उपाध्यक्ष कमल नंदी ने कहा, ‘इस साल गुडी पड़वा पर कोई विशेष खरीदारी नहीं हुई क्योंकि महाराष्ट्र में गैर-जरूरी वस्तुओं की बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है।’
नंदी देश में ड्यूरेबल्स कंपनियों के शीर्ष संगठन कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ऐड अप्लायंसेज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (सीईएएमए) के अध्यक्ष भी हैं। सीईएएमए स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है क्योंकि उद्योग की कुल बिक्री में गर्मी के मौसम का योगदान करीब एक तिहाई होता है। एयर कंडीशनर, कूलर, फ्रीजर, रेफ्रिजरेटर और पंखे आदि तमाम उत्पादों की बिक्री केवल गर्मी के मौसम में होती है। हालांकि देश के विभिन्न भागों में तापमान बढऩे लगा है लेकिन लॉकडाउन संबंधी पाबंदियों के कारण कंपनियों को बाजार की मांग को पूरा करने में परेशानी हो रही है।
एयर कूलर और पंखे बनाने वाली कंपनी बजाज इलेक्ट्रिकल्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शेखर बजाज ने कहा कि प्रमुख राज्यों में स्थानीय लॉकडाउन के कारण वस्तुओं के उत्पादन और आपूर्ति को झटका लगा है। उन्होंने कहा, ‘स्थानीय लॉकडाउन वाली जगहों पर मौजूद फैक्टरियों से उपकरणों और पुर्जों की आपूर्ति में परेशानी हो रही है। महाराष्ट्र में हमें ऐसा दिख रहा है। तैयार वस्तुओं की आवाजाही भी एक चुनौती बन गई है।’
अप्लायंसेज की बिक्री में महाराष्ट्र का योगदान 12 से 15 फीसदी तक होता है। लेकिन कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए इसी सप्ताह से 15 दिनों के लिए लगाए गए लॉकडाउन से बिक्री प्रभावित हो सकती है। इसका मतलब साफ है कि महीने के दूसरे पखवाड़े के दौरान राज्य में कोई कारोबार नहीं होगा क्योंकि गैर-जरूरी वस्तुओं की आवाजाही को रोक दिया जाएगा।
दाइकिन इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी कंवलजीत सिंह जावा ने कहा कि उद्योग में सुधार को झटका लगेगा। उन्होंने कहा, ‘हम कोविड-19 की पहली लहर के कठिन दौर से बाहर निकल ही रहे थे कि हमारी चुनातियां बढ़ गईं। जिंस कीमतों में तेजी के कारण मूल्य वृद्धि संबंधी चुनौतियां भी बरकरार हैं। अब स्थानीय लॉकडाउन भी लगाए जा रहे हैं। इससे उद्योग को तगड़ा झटका लगेगा।’