देश की अस्पताल शृंखला अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप नाइजीरिया में 250 बिस्तर की क्षमता वाले एक अस्पताल में 30 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत कर रही है।
अपोलो हॉस्पिटल ग्रुप की प्रबंध निदेशक प्रीता रेड्डी ने बताया कि इस अधिग्रहण के लिए ग्रुप को लगभग 52 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी बातचीत चल रही है। हालांकि उन्होंने उस अस्पताल के बारे में कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया।
उन्होंने बताया, ‘हालांकि इस अधिग्रहण की सही लागत के बारे में कोई फैसला नहीं हुआ है। हो सकता है कि हमें इस अस्पताल में निवेश भी करना पड़े। इसे भी अधिग्रहण की लागत में ही जोड़ा जाएगा।’ ग्रुप ने कोलकाता के एक कारोबारी अरविंद सराओगी के साथ देश भर में लगभग 100 अपोलो फ्रैंचाइजी क्लिनिक खोलने के लिए करार किया है।
प्रीता रेड्डी ने बताया कि ग्रुप इथियोपिया में भी एक 200 बिस्तर का नया अस्पताल भी बनाने की योजना बना रहा है। अपोलो इस अस्पताल के निर्माण के लिए वहां के स्थानीय कारोबारी के साथ संयुक्त उपक्रम बनाएगी। अपोलो इस परियोजना में बहुलांश हिस्सेदारी नहीं लेगी।
प्रताप सी रेड्डी ने बताया, ‘इस साल दिसंबर तक हम हमारी सेवा ले चुके सभी लोगों का रिकॉर्ड डिजिटल कर देंगे। इसके बाद वह एक यूनिवर्सल हेल्थ आईडी के इस्तेमाल से कभी भी देख सकते है।’ कंपनी इन रिकॉर्डो को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल करेगी। यह काम हैदराबाद से शुरू होगा फिर उसके बाद ग्रुप के बाकी अस्पतालों में भी इसे लागू किया जाएगा।
इस सॉफ्टवेयर को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज विकसित कर रही है। इस व्यवस्था को लागू करने पर कंपनी लगभग 8.6 करोड़ रुपये खर्च करेगी। अपोलो ग्रुप अगले दो साल में 100 क्लिनिक स्थापित करने की योजना बना रहा है।