अमेरिकी फंड इंटरप्स, ट्रूजेट की 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगा। एक संयुक्त बयान में कंपनियों ने यह ऐलान किया। इस पर होने वाले निवेश की रकम को अंतिम रूप दिया जाना अभी बाकी है।
ट्रूजेट ने साल 2015 में क्षेत्रीय विमानन कंपनी के तौर पर परिचालन शुरू किया और सात एटीआर-72 विमानों के जरिये 21 गंतव्यों के लिए उड़ान भरती है। इस निवेश से विमानन कंपनी को विस्तार करने में मदद मिलेगी और भारतीय विमानन क्षेत्र में इंटरप्स का प्रवेश हो जाएगा।
अपने प्रवर्तकों से रुक-रुककर रकम मिलने के कारण विमानन कंपनी विगत में चुनौतियों का सामना कर चुकी है, जिसके कारण कलपुर्जों व इंजन की किल्लत हुई। उद्योग के सूत्रों ने यह जानकारी दी। मेघा इंजीनियरिंग ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास इस विमानन कंपनी की बहुलांश हिस्सेदारी है।
आंध्र प्रदेश के चार्टर्ड अकाउंटेंट लक्ष्मी प्रसाद की तरफ से प्रवर्तित इंटरप्स इससे पहले एयर इंडिया के लिए बोली लगा चुकी है, लेकि बाद में उसने उसे वापस ले लिया क्योंकि विमानन कंपनी के कर्मचारी बोली के लिए हाथ मिलाने के अनिच्छुक ते। इंटरप्स ने लवासा कॉरपोरेशन, एशियन कलर कोटेड स्टील व रिलायंस नेवल के लिए भी बोली लगाई थी। फंड ने मलेशियाई प्रवर्तक के पास मौजूद एयरएशिया इंडिया की 49 फीसदी हिस्सेदारी में भी रुचि दिखाई थी, लेकिन टाटा समूह ने इनकार कर दिया।
लक्ष्मी प्रसाद और मेघा इंजीनियरिंग ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर के ग्रुप डायरेक्टर के वी प्रदीप ने एक बयान में कहा, कंपनी में 49 फीसदी एफडीआई के जरिये जुटाई गई रकम का इस्तेमाल देश भर में परिचालन के विस्तार और नागरिक उड्डयन क्षेत्र में नए मौकों पर किया जाएगा। हम निवेश वाली वास्तविक रकम को बाद के चरण में अंतिम रूप देंगे।