एमेजॉन ने किया अदालत का रुख

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 12:03 AM IST

अमेरिकी कंपनी एमेजॉन ने एनसीएलटी के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है, जिसने फ्यूचर समूह की कंपनियों को शेयरधारकों व लेनदारों की बैठक बुलाने की अनुमति दी है ताकि रिलायंस रिटेल वेंचर्स के साथ उसके लेनदेन को मंजूरी दी जा सके।
अपने आवेदन में एमेजॉन ने अदालत से 28 सितंबर के एनसीएलटी के मुंबई पीठ के आदेश को दरकिनार करने का आदेश पारित करने की मांग की है। सर्वोच्च न्यायालय में अभी इस मामले का निपटान नहीं हो पाया है। 28 सितंबर को एनसीएलटी के मुंबई पीठ ने फ्यूचर समूह की फर्मों को अपने शेयरधारकों की ईजीएम व लेनदारों के साथ बैठक का आयोजन करें ताकि रिलायंस रिटेल लिमिटेड को होने वाली परिसंपत्ति बिक्री पर मंजूरी हासिल की जा सके। इस आदेश के बाद फ्यूचर समूह ने शेयरधारकों व लेनदारोंं की बैठक 10 नवंबर से करना तय किया। 18 अक्टूबर को एनसीएलटी ने रिलायंस रिटेल वेंचर्स को भी अपने लेनदारों व शेयरधारकों की बैठक आयोजित करने की इजाजत दे दी ताकि फ्यूचर समूह के कारोबार का अधिग्रहण किया जा सके। रिलायंस और फ्यूचर समूह ने पिछले साल अगस्त में ऐलान किया था कि रिलायंस रिटेल वेंचर्स फ्यूचर समूह के खुदरा, थोक, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग कारोबार का अधिग्रहण 24,713 करोड़ रुपये में करेगी। लेकिन एमेजॉन की तरफ से कानूनी याचिका के कारण इस सौदे में देर हो रही है।
फ्यूचर समूह में 50 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली एमेजॉन ने सिंगापुर की आर्बिट्रेशन अदालत का रुख किया और कहा कि यह सौदा एफआरएल को शेल कंपनी में तब्दील कर देगा और कारोबार अलग कर उसे प्रतिस्पर्धी रिलायंस रिटेल को बेच दी जाएगी। यह मामला अभी सर्वोच्च न्यायालय और सिंगापुर के आर्बिट्रेशन सेंटर में लंबित है। एमेजॉन व फ्यूचर कानूनी संघर्ष से फ्यूचर समूह की वित्त्तीय स्थिति खराब हो रही है। फ्यूचर की सभी कंपनियों ने वित्त वर्ष 21 में भारी नुकसान दर्ज किया है, बिक्री घटी है और कर्ज में खासी बढ़ोतरी हुई है।

First Published : October 21, 2021 | 11:38 PM IST