भारतीय एयरलाइन कंपनी Air India ने अपने कम्प्यूटेशनल वर्कफोर्स को सॉफ्टवेयर आधारित क्लाउड पर ट्रांसफर कर दिया है। इसी के साथ कंपनी ने दिल्ली और मुंबई में स्थित अपने दो ऐतिहासिक डेटा सेंटर पर ताला जड़ दिया है।
इस कदम के साथ एयर इंडिया पहली प्रमुख ग्लोबल एयरलाइन में से एक बन गई है जिसने सभी कम्प्यूटेशनल वर्कफोर्स को विशेष रूप से क्लाउड पर ट्रांसफर कर दिया है।
टाटा ग्रुप (Tata Group) की कंपनी ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि इस कदम से एयर इंडिया को हर साल 10 लाख डॉलर यानी करीब 8.33 करोड़ रुपये की बचत होगी।
कंपनी ने बताया कि Microsoft Azure में IT इंफ्रास्ट्रक्चर की पूरी प्रक्रिया के ट्रांसफर का काम अमेरिका में सिलिकॉन वैली, भारत में गुरुग्राम और कोच्चि में एयर इंडिया के कर्मचारियों लोगों मिलकर किया गया है।
Air India के डिजिटल और टेक्नोलॉजी हेड सत्य रामास्वामी ने कहा, “एयर इंडिया में हमने अपने कम्प्यूटेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर में ‘क्लाउड-ओनली’ टेक्नोलॉजी को अपनाया है। हमारे लिए क्लाउड का इस्तेमाल सिर्फ पैसे बचाने और ऑपरेशंस की क्षमता के बारे में नहीं है, बल्कि कंप्यूटिंग को फिर से सेट करने का एक बेसिक तरीका है।”
उन्होंने कहा, “हमने एयर इंडिया की परिवर्तन यात्रा में Software-as-a-Service, Platform-as-a-Service और Infrastructure-as-a-Service जैसे तरीकों का एक मिलाजुला रूप अपनाया है।”
बता दें कि एयर इंडिया वैश्विक स्तर पर शुरुआती एयरलाइनों में से एक थी, जिसने कंप्यूटिंग युग के शुरुआती वर्षों में हाई परफॉर्मेंस वाले कंप्यूटिंग और स्टोरेज टेक्नोलॉजी को अपनाया था।
Air India ने पांच साल की परिवर्तन योजना शुरू की है। पिछले साल जनवरी में टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया को खरीद लिया था जिसके बाद से एयरलाइन के तौर-तरीकों में बदलाव किया जा रहा है।
एयरलाइन ने यह भी कहा कि वह ईमेल, लाइव चैट और कस्टमर केयर जैसे चैनलों और अपने कर्मचारी अनुभवों में कई तरह के नए बदलाव भी पेश करेगी।